महिला कैदियों और उनके बच्चों को पढ़ाई-लिखाई के लिए जल्द मिलेगी सुविधा


धनबाद(DHANBAD) | जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश निताशा बरला ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि जेल में परिजनों के साथ रह रहे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए. महिला कैदियों को भी पढ़ने की सुविधा मिले. जिला शिक्षा अधीक्षक से पत्राचार कर शीघ्र ही शिक्षक की जेल में बहाली कराई जाए . समय-समय पर महिला बंदियों और बच्चों के स्वास्थ्य जांच , योगा की क्लास भी शुरू करवाने का निर्देश उन्होंने जेलर को दिया है.
धनबाद का किया अवर न्यायाधीश निताशा बरला ने निरीक्षण
अवर न्यायाधीश निताशा बरला ने रिमांड अधिवक्ता अजय कुमार भट्ट के साथ मंडल कारा धनबाद का आज निरीक्षण किया. यह निरीक्षण मंडल कारा में बंद महिला बंदियों की स्थिति में सुधार लाने की दिशा में एक कदम बताया गया है. निरीक्षण के दौरान जेल के भीतर के किचन ,बंदियों को मिलने वाले भोजन, चिकित्सा सुविधा और जेल अस्पताल का भी निरीक्षण किया गया. मौके पर डालसा सहायक सौरव सरकार, अरुण कुमार , जेल डॉक्टर आलोक विश्वकर्मा,पैरा लीगल वालटियर राजेश कुमार सिंह उपस्थित थे।
32 महिला बंदी के साथ 6 वर्ष के दो बच्चे
बंदियों को क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं, इसका जेल अधीक्षक से जानकारी ली गई. निरीक्षण के दौरान बंदियों से बातचीत की गई और उनकी समस्याओं की जानकारी ली गई. सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि महिला बंदियों से कहा गया कि जो बंदी कारा अवधि में प्राथमिक शिक्षा या उच्च शिक्षा लेना चाहती हैं ,वह अपनी सहमति जेल पीएलबी अधिवक्ता से लिखवा कर कारा प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार को दें. कारा अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में मंडल कारा धनबाद में 32 महिला बंदी हैं, इनके साथ 6 वर्ष से कम उम्र के दो बच्चे है.
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