इस ब्याह को देख कर याद आ जाएंगे बचपन के वे दिन सुहाने....

    इस ब्याह को देख कर याद आ जाएंगे बचपन के वे दिन सुहाने....

    जमशेदपुर (JAMSHEDPUR) :  हल्दी, मटकोर, बैंडबाजा, मंडप, भोज, वरमाला… इस शादी में सब कुछ भारतीय परंपरा के अनुकूल था. छत्तीगढ़ समाज की इस शादी में पूरे मोहल्ले ने भाग लिया. बड़ों और बच्चों की खुशी देखते ही बनी.  कुछ वर पक्ष के थे तो कुछ वधु पक्ष के. दोनों पक्षों के बीच आम शादी की तरह ही हंसी-मजाक और चुहलबाजी हुई. बच्चों व युवाओं ने जहां मस्ती की, वहीं बुजुर्ग परंपराओं के लिए सजग दिखे कि विधि-व्यवहार में कुछ कमी न रह जाए. कन्या पक्ष के बुजुर्ग वर पक्ष के सम्मान में जुटे दिखे तो वर पक्ष कन्या को विदा कर ले जाने में मुर्हूत तक का ध्यान रखते.  बस फर्क यही था कि शादी दो इंसानों के बीच नहीं बल्कि प्लास्टिक के गुड्डे जूलियट और गुड्डी सेनोरिटा के बीच हुई. छत्तीसगढ़ के रहनेवाले आज भी इस सामाजिक खेल को परंपरा के रूप में निभाते हैं. जमशेदपुर में छत्तीसगढ़ के रहनेवालों की अच्छी खासी तादाद है जो अपनी परंपरा को बचाए हुए हैं. उसी के तहत अक्षय तृतीया पर भालूबासा में गुड्डे गुड्डी की  शानदार शादी संपन्न हुई.

    दुल्हन सेनोरिटा तो दूल्हा जूलियट मगर परंपराएं भारतीय, वरमाला डालकर हुए एक

     कौन है जिसने बचपन में गुड्डे-गुड्डियों की शादी नहीं देखी होगी या उसमें शरीक नहीं हुआ होगा. वक्त के साथ गुड्डे-गुड्डियों के खेल से हम दूर होते चले गए और टीवी के बाद मोबाइल का ज़माना आ गया तो ये चीजें और भी ओझल हो गईं.  जमशेदपुर में छत्तीसगढ़ के लोगों की इस अनोखी परंपरा को देख कर सबको बचपन के दिन याद आ गए.  घर के बुजुर्गों ने बताया कि शादी और अन्य शुभ कार्यों के लिए अक्षय तृतीया का काफी महत्व होता है. यही वजह है कि गुड्डे गुड्डी की शादी के लिए भी अक्षय तृतीया का विशेष महत्व है. इसे संपन्न कराना शुभ माना जाता है.

    पुराने ज़माने में होता था ये सबका खेल, छत्तीसगढ़ में है परंपरा

    टीवी का ज़माना आया, अब मोबाइल का ज़माना आया तो गुड्डे गुड्डियों का खेल पीछे छूट गया. लेकिन छत्तीसगढ़ के समाज ने गुड्डे गुड्डी के इस खेल को परंपरा के रूप में जीवित रखा है जिसकी बानगी लौहनगरी में देखने को मिली.  कोमल प्रसाद कहती हैं कि यह हमारे छत्तीसगढ़ की परंपरा है जिसे पीढ़ियों से हम करते आए हैं. मटकोर, हल्दी, बारात सबमें वैसा ही उत्साह होता है जैसा किसी परिजन की शादी में होता है. वहीं रेखा कुमारी कहती हैं कि खूब मस्ती करनी है, शादी का पल-पल एंजॉय करना है. इस शादी के लिए डांस के कई स्टेप्स की तैयारी की है.

    रिपोर्ट - अन्नी अमृता, ब्यूरो हेड के साथ रंजीत ओझा, जमशेदपुर


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news