देवघर (DEOGHAR) : देवघर बाबा मंदिर से निकलने वाले नीर यानी जो बाबा बैद्यनाथ पर गंगाजल, दूध इत्यादि चढ़ता है उसे अब रिसाइकल कर उपयोगी बनाने की योजना को नगर निगम द्वारा स्वीकृत दे दी गई है. देवघर नगर निगम के नगर आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल के अनुसार प्रति दिन बाबा पर हज़ारों गैलेन जल अर्पित किया जाता है, जो मंदिर के गर्भगृह से निकल कर इधर-उधर बर्बाद हो जाता है. इसे अब उपयोगी बनाने के लिए नगर निगम ने एक योजना स्वीकृत की है. इसके तहत मुख्य मंदिर सहित बांकी सभी मंदिरों से रोज निकलने वाले नीर को मानसरोवर के समीप एक फिल्ट्रेशन प्लांट लगा कर उपयोगी बनाया जाएगा. इससे नीर की आस्था तो बरकरार रहेगी ही, जल प्रबंधन के माध्यम से इसे रिसाइकल कर अन्य कार्य के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा.
दो माह के अंदर कार्य पूरा होने की उम्मीद
इसके साथ बाबा मंदिर से निकलने वाले नीर की ब्रांडिंग करने की भी योजना है. नगर आयुक्त के अनुसार अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो आने वाले दो माह के अंदर यह पूरी तरह कार्यरत हो जाएगा. निगम द्वारा इस ओर तेज़ी से काम भी कराया जा रहा है. फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. निगम की पहल का पुरोहित समाज भी समर्थन कर रहा है. पुरोहितों के अनुसार इससे बाबा मंदिर से निकलने वाले नीर की पवित्रता भी बरकार रह सकेगी. हालांकि, मान सरोवर तालाब की सौंदर्यीकरण की भी मांग की जा रही है.
रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर
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