"भारत में प्रतिदिन छह  हजार लोग टीवी से ग्रसित, छह सौ लोगों की प्रतिदिन होती है मौत"

    "भारत में प्रतिदिन छह  हजार लोग टीवी से ग्रसित, छह सौ लोगों की प्रतिदिन होती है मौत"

    देवघर (DEOGHAR) :  देवघर में विश्व टीबी दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.  इस मौके पर चिकित्सकों ने टीवी रोग और उससे बचाव के तरीके बताए. कहा कि टीबी में नियमित उपचार मायने रखता है. रोग से ग्रसित मरीजों को कभी भी बीच में दवा का सेवन करना नहीं छोड़ना चाहिए. जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है. इन जांच केंद्र में जाकर अपने बलगम की जांच कराएं ताकि बीमारी का सही तरीके से आकलन किया जा सके. रिपोर्ट पॉजिटिव हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह पर डाट्स लेना शुरू करें. टीबी रोग एक जानलेवा बीमारी है.  

    भारत में प्रतिदिन 6 हजार लोग इस रोग से ग्रसित होते

    कार्यक्रम में चिकित्सकों ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत में प्रतिदिन 6 हजार लोग इस रोग से ग्रसित होते हैं. जिसमें रोग से छह सौ लोगों की मौत प्रतिदिन हो जाती है. एक टीबी मरीज की मौत प्रति ढाई घंटे में होती है. जिले में टीबी का उपचार और इसके रोकथाम को लेकर 10 अगस्त 2003 में आरएनटीसीपी शुरुआत की गई थी. वर्तमान में 13 डीएमसी सरकारी क्षेत्र में कार्यरत हैं. जहां पर बलगम की जांच की जा रही है.

    टीवी मरीजों के आंकड़े

    वहीं वर्ष 2003 से 2021 तक कुल 24998 रोगी को डाट्स की दवा खिलाई गई.  इसमें 3945 मरीजों को गैर सरकारी चिकित्सकों द्वारा उपचार व दवा खिलाई गई. अब तक जिले में कुल 22184 मरीज डाट्स के सेवन के बाद पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं. जबकि 1570 रोगियों को डाट्स की दवा खिलाई जा रही है.  वहीं वर्ष 2013 से 2021 तक कुल 206 रोगी को डाट्स प्लस (एमडीआर) की दवा खिलाई गई. इसमें 88 रोगी पूरी तरह से रोक मुक्त हो चुके हैं. वर्तमान में 59 रोगियों को डाट्स प्लस (एमडीआर) की दवा खिलाई जा रही है. डाट्स प्लस (एमडीआर) टीबी के मरीजों का फॉलोअप से कराया जाता है. 2019 से एमडीआर के मरीजों के लिए शाट रेजिमेन का प्रारंभ किया गया है. जिससे एमडीआर के मरीजों को 24 माह के बदले नौ माह तक दवाई खानी पड़ती है. वहीं ओरल लांगर रेजिमेन में 18 माह तक दवा खिलाई जा रही है.

    टीबी मुक्त जिला घोषित करने के लिए सब-नेशनल इफिकेशन फ्री डिस्ट्रिक

    वर्ष 2022 में एमडीआर मरीजों के दवा सेवन के लिए एमईआरएम बाक्स  (मेडिकेशन इवेंट रिमांइडर मानिटर ) विधि प्रारंभ की गई है. जिसमें मरीजों के दवा सेवन की सूचना पोर्टल के माध्यम से विभाग को प्राप्त हो जाती है ताकि मरीज दवा सेवन से वंचित नहीं रह सके. भारत सरकार की ओर से टीबी मुक्त जिला घोषित करने को लेकर सब-नेशनल इफिकेशन फ्री डिस्ट्रिक कार्यक्रम चलाया गया. जिसमें झारखंड राज्य के छह जिलों में देवघर का भी नाम शामिल किया गया.  इसका सर्वे 18 फरवरी 2020 से 13 मार्च 2022 तक चलाया गया था.

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर


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