"किलकारी" के लिए कोडरमा में दी जा रही ट्रेनिंग, निहाल होंगे बच्चे


कोडरमा (KODARMA) : कोडरमा जिला में संचालित सभी आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति को बेहतर करने की कवायद जारी है. प्रोजेक्ट किलकारी के तहत कोडरमा जिले के संचालित 749 आंगनवाड़ी केंद्रों की सभी आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका को प्रशिक्षित भी किया जा रहा है.
सेविका व सहायिका को दिया जा रहा प्रशिक्षण
छह दिवसीय प्रशिक्षण में 30 मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इसमें सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका और बेहतर कार्य करने वाली सेविकाओं का रखा गया है. इन्हीं मास्टर ट्रेनर के द्वारा पांचों परियोजनाओं में सेविका व सहायिका को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही इस प्रशिक्षण में बाल संरक्षण इकाई कोडरमा द्वारा बाल श्रम, बाल उत्पीड़न, बाल विवाह जैसे कुरीतियों के प्रति जागरुक करने के उद्देश्य से और इसके संबंध में कानूनी जानकारी दी जा रही है. आंगनवाड़ी केंद्रों में होने वाले गतिविधियों में प्री स्कूल एजुकेशन को रोचक एवं ज्ञानवर्धक बनाने के विभिन्न तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है. ट्रेनिंग के बाद सभी आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका को प्रशिक्षण संबंधी जानकारी का मूल्यांकन किया जाएगा और आंगनवाड़ी केंद्रों में होने वाले परिवर्तन, अनुभव को साझा करते हुए एक-दूसरे का मूल्यांकन किया जाएगा. मूल्यांकन के उपरांत बेहतर कार्य करने वाली सेविकाओं को जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया जाएगा.
पांच आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जा रहा है मॉडल आंगनवाड़ी
आंगनवाड़ी केंद्रों में दशा एवं दिशा बदलने के क्रम में कोडरमा जिले के आंगनवाड़ी केंद्र लोचनपुर 01 को म़ॉडल बनाया जा चुका है. जिला के पांच और आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाने की प्रक्रिया जारी है. इसी तरह कई फेज में आंगनवाड़ी केंद्रों को मॉडल बनाया जायेगा औऱ सभी आवश्यक सुविधा की व्यवस्था की जायेगी.
रिपोर्ट : संजय कुमार शर्मा, कोडरमा
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