कोरोना के ख्रौफ पर भारी पेट की आग, रोजगार के लिए डटे रहेंगे SBM कर्मी

    कोरोना के ख्रौफ पर भारी पेट की आग, रोजगार के लिए डटे रहेंगे SBM कर्मी

    रांची (RANCHI) : SBM कर्मियों का समायोजन की मांग को लेकर धरना 38वें दिन भी जारी है. SBM कर्मी अन्य राज्य की तर्ज पर झारखंड में  भी समायोजन  की मांग को लेकर राजभवन के समक्ष  कोरोना काल में भी धरने पर बैठे है. कोरोना के बढ़ते खौफ और ठंड के बावजूद वे धरने से हटने को तैयार नहीं.

    क्या है मामला

    SBM कर्मियों को हटा कर नए लोगों की बहाली के लिए सरकार ने विज्ञप्ति जारी कर दी है. इसके बाद से  SBM कर्मियों में सरकार के प्रति नाराजगी है. कर्मियों ने कहा कि जब पहले से हमलोग अच्छा कार्य कर रहे हैं तो फिर समायोजन न बढ़ा कर नए लोगों को लाना कितना उचित है. कर्मियों ने कहा कि SBM कर्मी अब बेरोजगार हो गए हैं. 31 दिसंबर के बाद उनकी नौकरी खत्म कर दी गयी. बताया कि एक बार 29 दिसंबर को मुख्यमंत्री की ओर से  वार्ता के लिए बुलाया गया. मग़र जब SBM कर्मियों के प्रतिनिधि वहां गए तो उन्हें लौटा दिया गया. सरकार उनसे वार्ता को तैयार नहीं है.  धरना देने वाले कर्मियों का कहना है कि बात जब पेट की आती है, तो कोरोना का भय भी कम लगता है. यही कारण है कि कोरोना के बढ़ते खौफ और ठंड के बावजूद वे धरना पर डटे हैं. कर्मियों ने कहा कि सरकार जब तक उनसे बात नहीं करेगी, तब तक वे धरना पर डटे रहेंगे.

     इन्होंने भी किया आग्रह

    झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो और  सत्ता में सहयोगी पार्टी कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी ने भी सरकार को पत्र लिख कर SBM कर्मियों के समायोजन बढ़ाने का आग्रह किया है. मगर अब तक सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई पहल नहीं की गई है. बता दें कि SBM कर्मियों की ग्रामीण इलाके में स्वच्छता विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यो में अहम भूमिका रहती है.


    रिपोर्ट : समीर हुसैन ,रांची


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