टीएनपी डेस्क(TNP DESK): बच्चे का स्कूल में पहला दिन बच्चे के लिए तो खास होता ही है लेकिन उसके साथ-साथ माता- पिता के लिए भी बेहद खास होता है. यह दिन सिर्फ बच्चें के जीवन की नई शुरुआत नहीं बल्कि उनके पेरेंट्स के लिए भी बेहद भावुक होता है. जहां कुछ बच्चें नए स्कूल में जाने के लिए एक्साइटेंड हो जाते है. उन्हें वहां नए दोस्तों और टीचर से मिलने को लेकर उत्साहित रहते हैं, तो वही कुछ बच्चें घबरा जाते है अक्सर आप ने ऐसा देखा होगा की स्कूल के पहले दिन बच्चा डर जाता है रोने लगता है ऐसे में जरूरी है कि माता-पिता थोड़ी समझदारी और तैयारी के साथ इस दिन को आसान बनाना.
सबसे पहले, बच्चे को स्कूल के लिए मानसिक रूप से तैयार करना बहुत जरूरी है. जब बच्चा पहली बार स्कूल जाने वाला हो, तो उससे पहले ही उसे स्कूल के बारे में अच्छी और मजेदार बातें बतानी चाहिए. जैसे आप उसे कह सकते हैं कि वहां आपको नए दोस्त मिलेंगे, टीचर खिलौनों से खेलने को देंगे. और कई तरह की नई चीजें सीखने को मिलेंगी. इस तरह की बातचीत से बच्चे के मन में डर की जगह एक्साइटमेंट पैदा होने लगता है.
दूसरा तरीका यह है कि अगर संभव हो तो स्कूल शुरू होने से पहले बच्चे को एक बार स्कूल दिखाने जरुर ले जाएं आप उसे स्कूल के गेट, क्लासरूम और खेलने की जगह दिखा सकते हैं.और कह सकते है कि यह वही जगह है जहां तुम पढ़ाई भी करोगे और पढ़ाई के साथ- साथ खेलने को भी मिलेगा. इससे बच्चा उस माहौल से थोड़ा परिचित हो जाता है और उसका डर कम हो जाता है.
तीसरी तरीके की बात करे तो बच्चे को उसकी पसंदीदा चीजें साथ में देने की कोशिश करें. जैसे उसका पसंदीदा टिफिन बॉक्स, पानी की बोतल या कोई छोटा सा खिलौना. अगर बच्चा अपने किसी खिलौने से जुड़ा हुआ है, तो उसे बैग में रख- कर जरुर उसके साथ भेजे. जिससे वह स्कूल जाने के समय खुद को अकेला नहीं महसूस करेंगा उसे लेगेगा की उसके साथ उसका प्यारा खिलौना भी साथ जा रहा है. कई बच्चें अपने खिलौने के साथ जुड़ जाते है और उसे अपना करीबी समझते है ऐसे में अगर वह उसके साथ स्कूल जाएगा, तो खुद को सुरक्षित महसूस करेंगा.
पांचवां और सबसे जरूरी पहलू है विदाई का तरीका। कई माता-पिता स्कूल गेट पर बहुत भावुक हो जाते हैं या लंबे समय तक रुकते हैं, जिससे बच्चा और ज्यादा परेशान हो सकता है। इसके बजाय बच्चे को मुस्कुराकर बाय कह कर स्कूल छोड़े. इसके अलावा कुछ और बातों का ध्यान रखना भी जरूरी है. बच्चे पर किसी भी तरह का दबाव न डालें और पहले दिन उससे बहुत ज्यादा सवाल न पूछें. जब वह घर लौटे, तो उसकी तारीफ करें और उसके छोटे-छोटे अनुभव ध्यान से सुनें. उसे अगले दिन के लिए उत्साहित करें ताकि वह स्कूल को एक सकारात्मक अनुभव के रूप में देखे.
यह समझना जरूरी है कि बच्चे का पहला स्कूल डे उसकी पूरी शिक्षा यात्रा की नींव रखता है. अगर यह अनुभव अच्छा और खुशहाल रहेगा, तो बच्चा आगे भी स्कूल जाने के लिए प्रेरित रहेगा. थोड़ी सी समझ, धैर्य और प्यार से माता-पिता इस दिन को अपने बच्चे के लिए यादगार और सुखद बना सकते हैं.
Thenewspost - Jharkhand
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