LPG संकट के बाद PNG बना सहारा! जानिए इस रसोई गैस के बारे, कितना किफायती और फायदेमंद है ये विकल्प

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आपने देखा होगा की सिलेंडर यानी कि एलपीजी गैस की किल्लत काफी ज्यादा बढ़ गई है. असल में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से आने-जाने वाले जितने भी एलपीजी से भरे जहाज हैं वह रोक दिए जा रहे हैं. हालांकि कुछ जहाज को जाने का ग्रीन सिग्नल मिला तो था और वह पहुंची भी, लेकिन फिर भी गैस की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.

    LPG संकट के बाद PNG बना सहारा! जानिए इस रसोई गैस के बारे, कितना किफायती और फायदेमंद है ये विकल्प

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आपने देखा होगा की सिलेंडर यानी कि एलपीजी गैस की किल्लत काफी ज्यादा बढ़ गई है. असल में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से आने-जाने वाले जितने भी एलपीजी से भरे जहाज हैं वह रोक दिए जा रहे हैं. हालांकि कुछ जहाज को जाने का ग्रीन सिग्नल मिला तो था और वह पहुंची भी, लेकिन फिर भी गैस की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है.

    इसी बीच देश में एक नया विकल्प खूब तेजी से आगे बढ़ रहा हैं जिसे हम PNG कहते हैं. PNG का मतलब हैं Piped Natural Gas. खासकर शहरों में PNG अब रसोई का एक भरोसेमंद और सुविधाजनक विकल्प बनता जा रहा है.

    PNG का मतलब हैं गैस को पाइप के जरिए घर तक पहुंचाना. इसमें सिलेंडर की जरूरत नहीं होती, बल्कि गैस सीधे पाइपलाइन से आपके किचन तक पहुँचती है. इसके बहुत सारे फायदे हैं जैसे की इसमें आपको बार-बार सिलेंडर बुक करने या खत्म होने की चिंता नहीं रहती. गैस हमेशा आपके पास उपलब्ध रहती है, जिससे आपकी रोज का जीवन आसान हो जाती हैं.  

    PNG की खर्च की बात करें तो PNG, LPG से कई मामलों में किफायती होता है. इसका मतलब ये है की PNG में “जितना इस्तेमाल, उतना भुगतान” का सिस्टम होता है. PNG में हर महीने मीटर के हिसाब से खर्च आता है जिसके कारण खर्च को मैनेज करना आसान हो जाता है.

    एलपीजी और पीएनजी दोनों ही घरेलू उपयोग की महत्वपूर्ण गैसें हैं, लेकिन इनके उपयोग, लागत और सुरक्षा के मामले में कई अंतर देखने को मिलते हैं. एलपीजी के दाम समय-समय पर बदलते रहते हैं, जिससे घर के बजट पर असर पड़ता है. वहीं, पीएनजी के रेट अपेक्षाकृत स्थिर होते हैं और यह आपके उपयोग के आधार पर बिलिंग करता है, जिससे खर्च को नियंत्रित करना आसान हो जाता है.

    सुरक्षा के लिहाज से भी पीएनजी को अधिक सुरक्षित माना जाता है. यह हवा से हल्की गैस होती है, इसलिए लीक होने पर तेजी से फैल जाती है और आग लगने का खतरा कम हो जाता है. साथ ही इसमें एक विशिष्ट गंध मिलाई जाती है, जिससे लीकेज का तुरंत पता चल जाता है. दूसरी ओर, एलपीजी सिलेंडर को उठाना, एक जगह से दूसरी जगह ले जाना और समय-समय पर बदलना कई बार असुविधाजनक साबित होता है. 

    पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी पीएनजी बेहतर विकल्प है, क्योंकि यह एलपीजी की तुलना में कम प्रदूषण फैलाती है. यही कारण है कि सरकार शहरी क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को बढ़ावा दे रही है. हालांकि, देश के कई छोटे शहरों में अभी भी यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. पीएनजी एक ऐसा विकल्प है जो सुविधा, सुरक्षा और लंबे समय में बचत तीनों प्रदान करता है.


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