Ranchi- हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी से हजारीबाग के सूरजकुंड में 15 दिवसीय मेले की तैयारियां शुरु हो चुकी है. ध्यान रहे कि सूरजकुंड मेला श्रावणी मेले के बाद झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा मेला है. पूरा एक पखवाड़ा यहां लोगों की जमघट लगती है, दूर दूर से लोग यहां स्नान के लिए आते हैं. इस अवसर पर स्थानीय संस्थाओं और राज्य सरकार की ओर से भव्य व्यवस्था भी की जाती है. नृत्य संगीत का आयोजन किया जाता है, जिसमें राज्य और राज्य के बाहर के कलाकारों को बुलाया जाता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस महोत्सव में बाहरी कलाकारों के आगवन पर विरोध के स्वर सुनाई पड़ने लगे हैं, इस बार भी जैसे ही इस बात की खबर लगी कि बिहार के चर्चित गायक खेसारी लाल को बुलाने की तैयारी चल रही है, विरोध का स्वर तेज होने लगा. और इसकी अनुगूंज सोशल मीडिया पर भी सुनाई पड़ने लगी है.
टाईगर जयराम महतो के समर्थकों के द्वारा विरोध की संभावना
खेसारी लाल यादव की इंट्री का मुख्य विरोध टाईगर जयराम महतो के समर्थकों के द्वारा किया जा रहा है. उनका दावा है कि इस आयोजन के लिए खेसारीलाल यादव को करीबन 21 लाख रुपया का भुगतान किया जाना है. इतनी राशि में तो दर्जनों झारखंडी कलाकारों को बुलाया जा सकता था. इससे हमारी मिट्टी से जुड़े कलाकार का सम्मान भी होता और उनकी रोजी रोटी की व्यवस्था भी हो जाती, लेकिन हम अपनी मिट्टी और संस्कृति से दूर होकर फूहड़ता को गले लगा रहे हैं, जब हम अपने ही कलाकारों का सम्मान नहीं करेंगे, अपनी ही भाषा और संस्कृति का संरक्षण नहीं करेंगे तो हमारा सामाजिक वातावरण को प्रदूषित तो होगा ही.
Thenewspost - Jharkhand
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