जहां मिलेंगे बाबू सोना तोड़ देंगे कोना कोना...लाठी डंडे से कुटे जायेंगे वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट करनेवाले, पढ़िये क्यों ?

    Wherever we find Babu, he will break gold in every corner... Those celebrating Valentine's Day will be beaten with sticks, read why? ।जहाँ मिलेंगे बाबू सोना तोड़ देंगे कोना कोना...लाठी डंडे से कुटे जायेंगे वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट करनेवाले, पढ़िये क्यों ?

    पटना(PATNA):वैलेंटाइन डे वीक की शुरुआत 7 फरवरी से हो चुकी है.कभी Rose डे कभी प्रपोज डे तो कभी promise डे प्यार करने वाले एक दूसरे के साथ इस दिन को खास तरीके से सेलिब्रेट कर रहे है.दो दिन बाद यानी 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट किया जाएगा.ऐसे में प्यार करने वालों के बीच काफी उत्साह देखा जा रहा है, लेकिन इसी बीच राजधानी पटना से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है.जिसने सभी प्यार करने वाले की दिल की धड़कन को बढ़ा दिया है चलिए जानते है पूरा मामला क्या है.

    पढ़े आख़िर पूरा माजरा है क्या

     दरसल पटना के चौक चौराहों पर वैलेंटाइन डे वीक सेलिब्रेट करने वाले लोगों के लिए चेतवनी के तौर पर एक पोस्टर लगाया गया है. इन पोस्टरों पर लिखा है— “जहां मिलेंगे बाबू-सोना, तोड़ देंगे कोना-कोना”. जो हिंदू शिवभवानी सेना के नाम से लगाए गए हैं, जिनमे 14 फरवरी को सार्वजनिक स्थानों पर प्रेम प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है.पटना की सड़कों, पार्कों और कुछ व्यस्त इलाकों में दिखाई दे रहे इन पोस्टरों में वैलेंटाइन डे को भारतीय संस्कृति के विरुद्ध बताया गया है.

     “अश्लीलता” और “लव जिहाद” को बढ़ावा देता है ये दिन

    पोस्टर लगाने वाले संगठन के मुताबिक उसमें लिखा गया है कि वैलेंटाइन हमारी संस्कृति नहीं है.ये दिन “अश्लीलता” और “लव जिहाद” को बढ़ावा देता है.पोस्टर में चेतावनी दी गई है कि यदि पार्क, रेस्टोरेंट या अन्य सार्वजनिक स्थानों पर प्रेमी जोड़े “अशोभनीय गतिविधियों” में पाए गए, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.संगठन ने यह भी कहा है कि चॉकलेट डे से शुरू होकर वैलेंटाइन डे तक चलने वाला पूरा सप्ताह भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ है.कथित तौर पर संगठन की टीमें दिनभर विभिन्न स्थानों पर निगरानी रखेंगी.

    अश्लीलता किये जाने और पकड़े जाने पर होगी पिटाई

    पोस्टरों में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि किसी तरह की “अश्लीलता, धर्म परिवर्तन या प्रेम जिहाद” जैसी घटनाएं सामने आती है, तो संगठन के सदस्य लाठी-डंडों से सबक सिखाएंगे. इस भाषा ने शहर में बहस छेड़ दी है और कई लोग इसे कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती मान रहे है.पोस्टरों में यह भी अपील की गई है कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी जाए. संगठन का कहना है कि इस दिन को प्रेम प्रदर्शन के बजाय शहीदों की स्मृति में समर्पित करना चाहिए.



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