खरमास के बाद तेजस्वी शुरू करेंगे बिहार यात्रा, NDA ने बताया ‘लापता नेता’, आरोपों से गरमाई सियासत


TNP DESK- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव को लेकर सियासत तेज हो गई है.चुनाव परिणाम के तुरंत बाद तेजस्वी बिहार छोड़कर विदेश यात्रा पर चले गए, जिसको लेकर एनडीए ने उन पर हमला बोला है. अब राजद ने ऐलान किया है कि तेजस्वी खरमास के बाद बिहार में बड़ी यात्रा निकालेंगे.
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राजद को महज़ 25 सीटों पर जीत मिली. चुनाव नतीजों के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव काफी दिनों तक बिहार से बाहर रहे. इस दौरान सोशल मीडिया पर उनके विदेश यात्रा के वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिनमें वह कार ड्राइविंग और स्पीड बोट की सवारी करते नजर आए. इसके बाद विपक्ष की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे.
खरमास के बाद तेजस्वी शुरू करेंगे बिहार यात्रा
तेजस्वी यादव के बिहार से बाहर रहने पर उठे सवालों के बीच राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि खरमास के बाद तेजस्वी यादव बिहार के लोगों के बीच जन विश्वास, जन आकांक्षा और जन सरोकार यात्रा पर निकलेंगे.
राजद का आरोप है कि महागठबंधन को 1 करोड़ 90 लाख वोट मिले हैं और यह लोकतंत्र की नहीं बल्कि “मशीन तंत्र” की जीत है.
भाजपा ने तेजस्वी यादव की प्रस्तावित यात्रा पर तंज कसा
वहीं भाजपा ने तेजस्वी यादव की प्रस्तावित यात्रा पर तंज कसा है. बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि घूमने से तेजस्वी फ्रेश हो जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि जनता सब देख रही है और इतनी बड़ी हार के बाद वह मानसिक दबाव में हैं. भाजपा का दावा है कि कांग्रेस अब तेजस्वी के साथ नहीं है.
कांग्रेस और राजद एक साथ नहीं : कांग्रेस विधान परिषद सदस्य समीर सिंह
तेजस्वी की यात्रा को लेकर कांग्रेस ने भी दूरी बना ली है. कांग्रेस विधान परिषद सदस्य समीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस का फैसला केंद्रीय नेतृत्व करेगा. फिलहाल कांग्रेस और राजद एक साथ नहीं हैं और दोनों की राजनीतिक राह अलग है.
अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कहा कि जनता ने तेजस्वी यादव को विपक्ष में बैठने का मौका दिया है, लेकिन वह विधानसभा सत्र से गायब रहे. विपक्ष का काम सरकार की कमियों को सदन में उठाना होता है.उन्होंने कहा कि यात्रा से कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि एनडीए को नीतीश कुमार के विकास कार्यों के नाम पर जनादेश मिला है.
एनडीए को 202 सीटों के साथ बड़ी जीत मिलने के बाद तेजस्वी यादव ने बिहार से दूरी बना ली थी. अब खरमास के बाद उनकी यात्रा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. विपक्ष इसे सरकार को घेरने और वोट चोरी के आरोपों से जोड़ रहा है, जबकि सत्ता पक्ष सवाल कर रहा है कि जब जनता ने विपक्ष में बैठने का फैसला कर दिया है, तो अब इस यात्रा का क्या मतलब है.
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