पटना (PATNA): बिहार में जनसंपर्क और सामाजिक जुड़ाव को लेकर एक नई पहल की घोषणा की गई है.बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और जदयू नेता निशांत कुमार आज से -‘सद्भाव यात्रा’ पर निकलने वाले है. इस यात्रा का उद्देश्य आम जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना और उनके समाधान की दिशा में काम करना होगा.यह यात्रा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थलों से होकर गुजरेगी. इसकी शुरुआत सम्राट अशोक की पावन धरती से होगी और आगे बढ़ते हुए चंपारण पहुंचेगी, जिसे महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि माना जाता है.इस पूरे सफर के दौरान निशांत कुमार विभिन्न जिलों और क्षेत्रों में लोगों से सीधे संवाद करेंगे.
गांव-गांव और शहर-शहर जाकर आम लोगों से मिलेंगे
सद्भाव यात्रा के दौरान वे गांव-गांव और शहर-शहर जाकर आम लोगों से मिलेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और जनसंपर्क के माध्यम से विश्वास कायम करने की कोशिश करेंगे.यात्रा का फोकस सामाजिक समरसता, विकास और जनता की मूलभूत जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर रहेगा.इस पहल को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है.
सद्भाव यात्रा’ आम लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है
माना जा रहा है कि यह यात्रा न केवल जनता से जुड़ाव बढ़ाने का माध्यम बनेगी, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है.अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि निशांत कुमार की यह ‘सद्भाव यात्रा’ आम लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है और जमीनी स्तर पर कितना बदलाव ला पाती है.

