पटना (PATNA): बिहार की राजधानी में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया तरीका सामने आया है. जहां ठगों ने एक 70 साल के बुजुर्ग को अपना शिकार बना लिया. इस बार अपराधियों ने तकनीक के साथ-साथ भावनाओं का इस्तेमाल किया और शादी का सपना दिखाकर पीड़ित से 1.52 लाख रुपये ठग लिए. मामला सामने आने के बाद साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
घटना की शुरुआत एक सामान्य फोन कॉल से हुई, जिसने धीरे-धीरे एक बड़े धोखाधड़ी के खेल का रूप ले लिया. अनजान नंबर से आए कॉल में बुजुर्ग से पूछा गया कि क्या वह जीवनसाथी की तलाश में हैं. जैसे ही उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया, कॉल करने वाले ने खुद को शादी कराने वाला एजेंट बताया और दावा किया कि उसके पास एक कई महिला का रिश्ता है. भरोसा जीतने के लिए पहले ही बातचीत में मामूली रकम, लगभग 2,000 रुपये, प्रोसेसिंग के नाम पर मांगी गई, जिसे बुजुर्ग ने बिना शक किए ट्रांसफर कर दिया.
इसके बाद उन्हें एक महिला का नंबर दिया गया, जिससे आगे की बातचीत शुरू हुई. फोन पर बात करने वाली महिला ने खुद को कंचन बताया और कहा कि वह भोजपुर जिले की रहने वाली है. उसने यह भी बताया कि फिलहाल वह दिल्ली में अपनी बेटी के पास रह रही है. लगातार बातचीत के जरिए उसने बुजुर्ग का विश्वास जीत लिया और धीरे-धीरे जुड़ाव बना लिया.
कुछ दिनों तक सामान्य बातचीत चलती रही, जिससे बुजुर्ग को यह विश्वास हो गया कि यह रिश्ता सही है. इसी दौरान अचानक महिला ने एक गंभीर समस्या का हवाला दिया. उसने बताया कि उसके दामाद का एक्सीडेंट हो गया है और उसके इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है. यह सुनकर बुजुर्ग उसकी मदद के लिए आगे आ गए.
पहली बार में उन्होंने 73,000 रुपये ट्रांसफर किए. इसके बाद अलग-अलग बहानों से उनसे और पैसे मांगे जाने लगे. कभी इलाज का खर्च बताया गया, तो कभी मेडिकल इमरजेंसी का हवाला दिया गया. धीरे-धीरे करके उन्होंने 20,000 रुपये और फिर 40,000 रुपये भी भेज दिए. बताया जा रहा है कि इस पूरी रकम में से एक हिस्सा उन्होंने उधार लेकर भी दिया था, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि वह किसी सही रिश्ते की शुरुआत कर रहे हैं.
कई किस्तों में करीब 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर करने के बाद अचानक महिला ने संपर्क बंद कर दिया. फोन कॉल्स और मैसेज का कोई जवाब नहीं मिला, जिससे बुजुर्ग को शक हुआ. बाद में जब उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जांच की, तो उन्हें समझ आया कि वे एक साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं.
घटना की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने तुरंत पटना साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित बैंक खातों, मोबाइल नंबरों तथा ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है. साइबर सेल की टीम आरोपियों की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में जुट गई है.
साइबर अपराधी अब केवल तकनीकी तरीकों से ही नहीं, बल्कि भावनात्मक जाल बिछाकर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं. खासकर अकेले और बुजुर्ग लोग ऐसे फ्रॉड में आसानी आ जाते है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल या ऑनलाइन रिश्ते के झांसे में आने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें और बिना पुष्टि के किसी को भी पैसे ट्रांसफर न करें.

