गोपालगंज(GOPALGANJ): हथुआ स्थित जीएनएम नर्सिंग स्कूल से एक ऐसा फैसला सामने आया है, जिसने छात्राओं के बीच हलचल बढ़ा दी है. पढ़ाई के दौरान शादी पर पूरी तरह रोक लगाने के इस सख्त नियम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. स्कूल परिसर की दीवारों पर इस संबंध में नोटिस लगाए जाने के बाद छात्राएं असमंजस की स्थिति में हैं और अपने भविष्य को लेकर चिंतित नजर आ रही हैं. जहां कुछ छात्राएं इसे पढ़ाई के लिए जरूरी अनुशासन मान रही हैं, वहीं कई इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता में हस्तक्षेप बता रही हैं. फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है.

यदि कोई छात्रा जीएनएम कोर्स के दौरान शादी करती है, तो उसका नामांकन तुरंत रद्द कर दिया जाएगा. यह नियम अनुमंडलीय अस्पताल हथुआ परिसर में संचालित नर्सिंग संस्थान की सभी छात्राओं पर लागू है. संस्थान की प्राचार्या मानसी सिंह ने स्पष्ट किया कि यह नियम किसी व्यक्तिगत निर्णय का परिणाम नहीं है, बल्कि विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया गया है. उन्होंने बताया कि एडमिशन के समय ही छात्राओं से एक लिखित घोषणा पत्र लिया जाता है, जिसमें यह शर्त शामिल होती है कि वे तीन साल की पढ़ाई पूरी होने तक शादी नहीं करेंगी.
नर्सिंग की पढ़ाई पूरी तरह आवासीय व्यवस्था में होती है, जहां छात्राओं को हॉस्टल में रहकर प्रशिक्षण लेना पड़ता है. ऐसे में शादी होने के बाद पढ़ाई और प्रशिक्षण प्रभावित होने की आशंका रहती है. इसी वजह से यह नियम पहले से लागू है और इसका पालन अनिवार्य किया गया है.
यह प्रतिबंध केवल जीएनएम पढ़ायी तक सीमित नहीं है, बल्कि एएनएम जैसे अन्य नर्सिंग कोर्स में भी इसी तरह के नियम लागू हैं. यानी नर्सिंग में प्रशिक्षण के दौरान शादी पर रोक एक सामान्य प्रावधान के रूप में देखा जा रहा है. फिलहाल यह मुद्दा चर्चा में है और आने वाले समय में इस पर क्या निर्णय होता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.


