टीएनपी डेस्क( TNP DESK): बिहार की राजनीति में अगर किसी नेता की जिंदगी सबसे ज्यादा चर्चा में रही है, तो उनमें तेज प्रताप यादव का नाम जरूर आता हैm कभी कृष्ण भक्ति, कभी अपने अनोखे अंदाज, कभी प्यार और कभी परिवार से टकराव को लेकर तेज प्रताप हमेशा सुर्खियों में बने रहते है. उनकी जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती, जिसमें हर कुछ महीनों बाद नया मोड़ देखने को मिलता है.

साधारण जीवन पसंद
तेज प्रताप यादव, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालु प्रसाद यादव और राबड़ी के बड़े बेटे है. बचपन से ही उन्होंने राजनीति का माहौल देखा, लेकिन उनका स्वभाव बाकी नेताओं से काफी अलग रहा उन्हें साधारण जीवन पसंद है और वह अक्सर अपने अलग अंदाज से लोगों का ध्यान खींच लेते है.तेज प्रताप की सबसे बड़ी पहचान उनकी भक्ति है वह भगवान कृष्ण और भगवान शिव के बड़े भक्त माने जाते है.कई बार वह कृष्ण के रूप में बांसुरी बजाते, मोर मुकुट पहनते और भजन गाते नजर आए है. सावन के महीने में उनकी शिवभक्ति भी खूब देखने को मिलती है. एक बार वह साइकिल से बाबा धाम की यात्रा पर भी निकल पड़े थे सोशल मीडिया पर उनकी ऐसी तस्वीरें खूब वायरल हुई थींm उनके करीबी बताते हैं कि पूजा-पाठ और आध्यात्मिक चीजों में उनकी काफी रुचि है.

हमेशा विवादों में रही लव लाइफ
उनकी निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा में रही. साल 2018 में उनकी शादी ऐश्वर्या राय से हुई थी.यह शादी बिहार की सबसे चर्चित शादियों में गिनी गई. बड़े-बड़े नेता और हजारों मेहमान इस समारोह में शामिल हुए थे लेकिन शादी के कुछ ही महीनों बाद दोनों के रिश्तों में खटास की खबरें सामने आने लगीं. मामला इतना बढ़ गया कि दोनों अलग हो गए. इस घटना ने बिहार की राजनीति में भी हलचल मचा दी थी.लोग हैरान थे कि इतनी शाही शादी आखिर टूट कैसे गई.
अनुष्का यादव से संबंध को लेकर भी हुआ काफी विवाद
साल 2025 में तेज प्रताप यादव एक बार फिर बड़े विवाद में आ गए.जब उनके फेसबुक अकाउंट से एक पोस्ट सामने आया, जिसमे वह एक लड़की के साथ तस्वीर साझा करते हुए खुद को पिछले 12 साल से रिलेशनशिप में होने की बात कहते दिखे.पोस्ट वायरल होते ही बिहार की राजनीति में हड़कंप मच गया.सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठाने लगे कि अगर वह किसी और से प्यार करते थे, तो शादी क्यों हुई. विवाद बढ़ने के बाद तेज प्रताप ने पोस्ट डिलीट कर दिया और दावा किया कि उनका अकाउंट हैक हो गया था.

परिवार और पार्टी से भी अलग
इस विवाद के बाद परिवार और पार्टी में भी तनाव बढ़ गया. खबरें सामने आईं कि उन्हें पार्टी और घर से अलग कर दिया गया.इसके बाद तेज प्रताप कई बार अपनी ही पार्टी और छोटे भाई तेजस्वी यादव के खिलाफ बयान देते नजर आए उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक दल बनाई लेकिन उन्हें ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी. हालांकि, इन सबके बीच उन्होंने कभी अपने माता-पिता के खिलाफ कुछ नहीं कहा वह हमेशा उनका सम्मान करते दिखाई दिए.
हर बात को खुलेआम धड़ल्ले से कह देते है तेजू भैया
तेज प्रताप का बागी अंदाज भी उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाता है.टिकट बंटवारे से लेकर पार्टी के फैसलों तक, उन्होंने कई मुद्दों पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की. इसी वजह से लोग उन्हें “रिबेल नेता” भी कहते है.हालांकि समय-समय पर वह परिवार और पार्टी के साथ भी खड़े नजर आते रहे है.राजनीति के अलावा तेज प्रताप को बाइक चलाना, गायों की सेवा करना और आम लोगों के बीच रहना पसंद है.कई बार वह बिना सुरक्षा के सड़क किनारे चाय पीते या लोगों से बातचीत करते दिखाई देते है यही सादगी और अलग अंदाज उन्हें चर्चा में बनाए रखता है.
बिहार में बनाई है अपनी अलग छवि
भले ही तेजप्रताप यादव ने बिहार की राजनीति में वह मुकाम हासिल नहीं किया जो बड़े-बड़े नेता करते है लेकिन उनको ऐसी पहचान बनाई है जो काफी दिलचस्प है.तेज प्रताप यादव की दीवानगी लोगों में काफी ज्यादा देखी जाती है यह जहां पहुंच जाते है लोग इन्हें सुनने और देखने के लिए बेताब हो जाते है.तेजू भैया अपने पिता लालू प्रसाद यादव की तरह ही हास्य पद बातें करते है जिनमें काफी गहराई भी होती है और तंज भी होता है.यदि हम आपको तेजप्रताप यादव के जीवन के सारे रंगों को देखें तो बिहार के राजनीति में इनके व्यक्तित्व को कोई भी फिका नहीं कर सकता है, अपने आप में एक पूरा पैकेज है और वह भी धमाकेदार.

