बिहार: गमछे के राजनीति से अचानक क्यों गरमा गई सियासत, लालू प्रसाद की बेटी ने कह दी बड़ी बात

    बिहार: गमछे के राजनीति से अचानक क्यों गरमा गई सियासत, लालू प्रसाद की बेटी ने कह दी बड़ी बात

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बिहार की राजनीति कब किस बात को लेकर गरम हो जाएगी, इसका अंदाज कोई नहीं लगा सकता. दरअसल शनिवार को ऊर्जा भवन में आयोजित एआई समिट में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना में करीब 4000 एआई कैमरे लगे हुए है. अगर एक बार ए आई को कह दिया जाए कि हरे गमछे वालों को खोजो, तो क्या होगा? वह तुरंत सभी हरे गमछे वालों को पकड़ लेगा. हालांकि सीएम ने यह भी कहा था कि मैं किसी की तरफ इशारा नहीं कर रहा हूं, लेकिन इस बात को लेकर अब सियासत गरमा गई है. बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करने में अग्रणी रहने वाली पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया एक्स  पर भगवा गमछा का जिक्र करते हुए टिप्पणी की है. रोहिणी आचार्य ने कहा है कि भगवा गमछा धारी जमात गुंडों से पटी पड़ीं है, मगर बात हरे गमछा वालों को टारगेट करने की हो रही है ?

    गुंडे-बदमाश तो भगवा गमछा लहराने वाले ही हैं

    देश व बिहार के तमाम माफिया, बड़े अपराधी व् गुंडे, दंगा भड़काने वाले, कानून की धज्जियाँ उड़ाते हुए बंदूक लहराने वाले गैंगस्टर्स एवं बलात्कारी भगवा गमछा लहराने, भगवा मुरेठा बांधने वाली पार्टी में हैं, मगर कानून व्यवस्था दुरुस्त करने की आड़ में खुले मंच से बिहार के मुख्यमंत्री हरे गमछा वालों को टारगेट करने की बात कर रहे हैं ? एक मुख्यमंत्री के द्वारा सार्वजनिक मंच से इस प्रकार का पूर्वाग्रह से प्रेरित एवं द्वेषपूर्ण बयान निंदनीय व दुर्भाग्यपूर्ण है, ऐसा प्रतीत होता है कि हरे गमछा वालों को टारगेट करने की बातें कह कर बिहार के मुख्यमंत्री बिहार में हिंसा भड़काना चाहते हैं और अपने राजनीतिक विरोधियों को डराना चाहते हैं!

    मुख्यमंत्री को यह बात हमेशा यद् रखनी चाहिए 

    मुख्यमंत्री भूल रहे हैं कि बिहार तानाशाही के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकने वालों की भूमि है और मुख्यमंत्री के इस तानाशाही रवैए का भी माकूल जवाब भी बिहार की जनता अवश्य ही देगी. मुख्यमंत्री भूल रहे हैं कि बिहार तानाशाही के खिलाफ संघर्ष का बिगुल फूंकने वालों की भूमि है और मुख्यमंत्री के इस तानाशाही रवैए का भी माकूल जवाब भी बिहार की जनता अवश्य ही देगी. मुख्यमंत्री जब तकनीकी व ज्ञान-विज्ञान के मंच, एआई ( AI) के संदर्भ में आयोजित मंच, से बदले की भावना से भरा बयान दे ही रहे थे, तो उन्हें ये भी बोल ही देना चाहिए था कि भगवा गमछा वालों के सात खून, हर गुनाह माफ़ हैं ! गौरतलब है कि भगवा मुरेठाधरी मुख्यमंत्री खुद संज्ञेय अपराध के मामलों के आरोपी रहे हैं और बिहार में लोग उन्हें अपराधियों का सम्राट कह कर भी सम्बोधित करते हैं. 



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