पटना (PATNA): बिहार सरकार अब पर्यटन के क्षेत्र में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है. राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए ‘वन स्टेट, वन ग्लोबल डेस्टिनेशन’ योजना के तहत बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया गया है. इसी कड़ी में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए.
बैठक में गया/बोधगया, रोहतास/कैमूर और वैशाली को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई. पर्यटन विभाग ने इन स्थानों के लिए तैयार ‘इवैल्यूएशन मैट्रिक्स’ प्रस्तुत किया, जिसमें आकर्षण, बुनियादी ढांचा, कनेक्टिविटी और निजी निवेश जैसे पहलुओं का विश्लेषण शामिल था. गया-बोधगया और वैशाली को उनके ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण उच्च प्राथमिकता दी गई है.
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिया कि इन स्थलों का विकास अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जाए. उन्होंने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ और ‘वैष्णो देवी’ जैसे सफल मॉडल का अध्ययन कर उसी आधार पर योजना को अंतिम रूप देने को कहा. इसके साथ ही पर्यटन क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने की प्रक्रिया को तेज करने और निजी निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया.
बैठक में यह भी तय हुआ कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी. साथ ही केंद्र सरकार की योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रियाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए. मुख्य सचिव ने पर्यटन विभाग को प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग करने और तय समयसीमा में कार्य पूरा करने को कहा. इस पहल को बिहार के पर्यटन सेक्टर के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है, जिससे राज्य में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.


