बिहार वित्तीय बजट 2026–27: अब तक का सबसे बड़ा बजट, विकास पर बड़ा फोकस

    बिहार वित्तीय बजट 2026–27: अब तक का सबसे बड़ा बजट, विकास पर बड़ा फोकस
    बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है. बजट को लेकर अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने मंत्री विजेंद्र यादव के निर्देश पर मीडिया को विस्तृत जानकारी दी.सरकार ने इस बजट को “न्याय के साथ विकास” का बजट बताया है, जिसमें महिला, किसान, युवा और गरीब चारों वर्गों पर समान रूप से ध्यान दिया गया है.

    पटना(PATNA):बिहार सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है. बजट को लेकर अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने मंत्री विजेंद्र यादव के निर्देश पर मीडिया को विस्तृत जानकारी दी.सरकार ने इस बजट को “न्याय के साथ विकास” का बजट बताया है, जिसमें महिला, किसान, युवा और गरीब चारों वर्गों पर समान रूप से ध्यान दिया गया है.

    विकास और पूंजीगत खर्च पर जोर

    वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बिहार का कुल बजट आकार 3,47,589.76 करोड़ रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹30,694 करोड़ अधिक है.इसमे 1,22,155 करोड़ योजना मद और 2,25,434 करोड़ स्थापना व प्रतिबद्ध व्यय के लिए निर्धारित किए गए है.सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए 63,455.84 करोड़ का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित किया है, जो कुल बजट का 18.26 प्रतिशत है. सड़क, पुल, सिंचाई, भवन, बिजली और जल परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है.

    सबसे अधिक बजट पाने वाले विभाग

    शिक्षा और उच्च शिक्षा को सबसे अधिक 68,216.95 करोड़ मिले है.इसके बाद ग्रामीण विकास को 23,701.18 करोड़, स्वास्थ्य को 21,270.40 करोड़, गृह विभाग को 20,132.87 करोड़ और ऊर्जा विभाग को 18,737.06 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

    कृषि और किसानों के लिए बड़े ऐलान

    बिहार को कृषि प्रधान राज्य मानते हुए बजट में किसानों पर विशेष फोकस किया गया है.कृषि रोडमैप-4 और 5 को आगे बढ़ाते हुए दलहन, तिलहन, मक्का, फल और सब्जी उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है.मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 3,000 सालाना अतिरिक्त सहायता दी जाएगी साथ ही कोल्ड स्टोरेज, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और एग्री-स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जाएगा.हर खेत तक सिंचाई का पानी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है.

    महिला सशक्तिकरण और जीविका

    राज्य में 1.56 करोड़ से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी है. महिलाओं को पहले ही 10,000 की सहायता दी जा चुकी है और अब व्यवसाय विस्तार के लिए 2 लाख तक अतिरिक्त सहायता/ऋण की व्यवस्था की गई है.जीविका मॉडल को रोजगार का मजबूत आधार बनाया गया है.

    रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य

    सरकार ने 2025–2030 के बीच 1 करोड़ रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है और 50 लाख करोड़ निजी निवेश आकर्षित करने की योजना बनाई है.हर प्रखंड में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे.जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक विकसित करने, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने और तकनीकी व उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार की घोषणा की गई है.

    ऊर्जा, सड़क और शहरी विकास

    प्रति व्यक्ति बिजली खपत बढ़कर 374 यूनिट हो गई है सौर और नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर दिया गया है. ग्रामीण सड़कों के विस्तार में बिहार को अग्रणी बताया गया है, वहीं शहरी गरीबों के लिए सस्ते आवास की योजना भी शामिल है.

    पानी, बाढ़ और सिंचाई

    गंगा जल आपूर्ति योजनाओं के विस्तार, बाढ़ नियंत्रण, नदी जोड़ परियोजनाओं और बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट्स को तेजी से लागू करने की बात कही गई है.अनुसूचित जाति के लिए 19,603 करोड़ और अनुसूचित जनजाति के लिए 1,648 करोड़ अलग मद में प्रावधान किया गया है, ताकि लाभ सीधे लक्षित वर्ग तक पहुंचे.

    राजस्व, घाटा और वित्तीय स्थिति

    कुल राजस्व प्राप्ति 2,85,277 करोड़ अनुमानित है. राज्य के अपने कर से 65,800 करोड़ और केंद्र से सहायता व अनुदान के रूप में 1,58,178 करोड़ मिलने की उम्मीद है.राजकोषीय घाटा GSDP का 2.99% और कुल कर्ज 37.7% रहने का अनुमान है, जिसे सुरक्षित सीमा में बताया गया है.सरकार का दावा है कि यह बजट वित्तीय अनुशासन के साथ बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में ले जाने की दिशा में मजबूत कदम है.


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