बिहार में 101 डुप्लीकेट योजनाओं की पहचान, पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश: उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा

    101 duplicate schemes identified in Bihar, orders for a detailed investigation into the entire matter: Deputy Chief Minister Vijay Kumar Sinha | बिहार में 101 डुप्लीकेट योजनाओं की पहचान, पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश : उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा

    पटना : बिहार में डुप्लीकेट योजनाओं का बड़ा मामला सामने आया है. नगर आवास विभाग के मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधान परिषद में इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि राज्य में 101 डुप्लीकेट योजनाओं की पहचान की गई है. इन सभी योजनाओं को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

    जानिए क्या होता है डूप्लकैट योजना 

    डुप्लीकेट योजनाओं से आशय उन सरकारी योजनाओं से है जो एक ही उद्देश्य की पूर्ति के लिए बनाई गई हों, लेकिन उन्हें अलग-अलग विभागों द्वारा लगभग समान नाम या समान कार्य-क्षेत्र के साथ संचालित किया जा रहा हो। कई मामलों में पहले से प्रभावी रूप से चल रही किसी योजना के समान स्वरूप की दूसरी नई योजना शुरू कर दी जाती है, जिससे कार्यों और जिम्मेदारियों में अनावश्यक दोहराव उत्पन्न होता है.

    इस प्रकार की स्थिति में बजट, संसाधन और प्रशासनिक तंत्र का दोहराव (duplication) होता है, जिससे सरकारी धन का समुचित उपयोग नहीं हो पाता और योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रम तथा अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है.

    डुप्लीकेट योजनाओं की जानकारी मिलते ही त्वरित कार्रवाई

    विधान परिषद की कार्यवाही के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभागीय समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि कुछ योजनाएं एक ही कार्य या उद्देश्य के लिए अलग-अलग नामों से संचालित की जा रही थीं. इससे सरकारी संसाधनों की अनावश्यक दोहराव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है  इसलिए जैसे ही डुप्लीकेट योजनाओं की जानकारी मिली त्वरित कार्रवाई की गई.

    किसी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी राज्य सरकार

    उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 101 ऐसी योजनाओं को चिन्हित कर बंद किया जा चुका है. साथ ही संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि सभी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में इस प्रकार की अनियमितता दोबारा न हो. विजय कुमार सिन्हा ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगी. यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

    सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि डुप्लीकेट योजनाओं के संचालन के पीछे किन स्तरों पर चूक हुई और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे.



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