पहले राज्यपाल, फिर विधायक सांसदों से मुलाकात: किसी उलटफेर की संभावना या 16 से 40 पहुंचने की तैयारी? नीतीश के मास्टर प्लान पर टिकी सबकी निगाहें

    पहले राज्यपाल, फिर विधायक सांसदों से मुलाकात: किसी उलटफेर की संभावना या 16 से 40 पहुंचने की तैयारी? नीतीश के मास्टर प्लान पर टिकी सबकी निगाहें

    Patna-पिछले तीन दशकों से बिहार की राजनीति नीतीश लालू के नाम रही है, इन्ही दो शख्सियतों के इर्द-गिर्द ही राजनीति की उलटवासियां होती रही, दोनों राजनीति के महान धुरंधर, इनके पैतरों की पहचान करना मुश्किल है, दूसरे सभी दल, जिसमें भाजपा भी शामिल है, की भूमिका बिहार की राजनीति में शतरंज के प्यादे से ज्यादा कुछ नहीं रही.

    अमित शाह की स्वीकारोक्ति

    खुद भाजपाई राजनीति के चाणक्य माने जाने अमित शाह इस बात की तस्दीक कर चुके हैं. उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि यह बिहार की राजनीति की जमीनी सच्चाई है कि जब राजद और जदयू एक पाले में खड़ा हो जाता है तब किसी दूसरे राजनीतिक दल की वहां कोई गुंजाईश नहीं बचती, लेकिन इसमें से कोई एक भी दल भाजपा के साथ खड़ा हो जाये तो राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल जाता है, उसके गणित और रासायन में बदलाव आ जाते हैं.

    विधायक सासंदों से मुलाकात से गरमायी है बिहार की सियासत

    शायद यही कारण है कि जब नीतीश कुमार अपने विधायकों-सांसदों से भी औपचारिक मुलाकात करते हैं, सियासी पंडितों की नजर उस पर टिक जाती है, कुछ ना कुछ अप्रत्याशित होने का अंदेशा जाहिर किया जाने लगता है. उलटफेर की खबरों उड़ायी जाने लगती है, इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ. जैसे ही मीडिया सर्कल में यह खबर फैली की सीएम नीतीश अचानक से राज्यपाल भवन पहुंच चुके हैं, और उनके पीछे-पीछे पूर्व उपमंख्यमंत्री सुशील का आगवन भी हो चुका है तो सियासी पंडितों की नींद अचानक से टूट गयी, उनींदा अवस्था में ही सियासी पंडितों ने यह दावा शुरु कर दिया कि अब तो नीतीश कुमार का पाला बदलना निश्चित है, दावा किया जाने लगा कि तेजस्वी यादव की पटना से गैरमौजूदगी में इस प्रकार से राजभवन का दौरा अब सीएम नीतीश का विधायकों के साथ मुलाकात, कोई सामान्य घटना नहीं है. उनींदा अवस्था में ही कई अहम कड़ियों को जोड़ा जाने लगा.

    अटकलबाजी के सिवा कुछ नहीं

    हालांकि यह सब कुछ महज अटकलबाजी से ज्यादा कुछ नहीं निकला. दरअसल विपक्षी दलों की बैठक के बाद सीएम नीतीश पूरे शबाब पर हैं, उनके निशाने पर लोकसभा के चुनाव के साथ ही विधान सभा का चुनाव भी है. दावा किया जा रहा है कि सीएम नीतीश लोकसभा चुनाव के साथ ही विधान सभा का चुनाव भी करवाने का मन बना रहे हैं, हालांकि अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की गयी है, लेकिन अन्दर खाने इसकी तैयारियां की जा रही है. लोगों की राय ली जा रही है, इसके लाभ और हानि की समीक्षा की जा रही है.

    एक एक सांसद से वन टू वन मुलाकात

    इसी कड़ी में आज भी नीतीश कुमार अपने सांसदों से मुलाकात कर रहे हैं. उनसे वन टू वन चर्चा की जा रही है.  उनके फीडबैक लिये जा रहे हैं, तैयारियों का आकलन किया जा रहा है.कुछ सांसदों का दावा है कि जदयू की तैयारी 16 से 40 तक पहुंचने की है. हम सभी 40 सीटों पर विजय पताका फहराने की तैयारी में जुटे हैं, यह मीटिंग उसी का हिस्सा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार सांसद लालचंद गोस्वामी,पश्चिम चंपारण के वाल्मीकि नगर के सांसद सुनील कुमार, जहानाबाद के सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी की सीएम से मुलाकात भी हो चुकी है.


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