जंतर मंतर पर महिला पहलवानों से दिल्ली पुलिस की भिंड़त, विनेश फौगाट के भाई के सिर में गहरा जख्मा, खिलाड़ियों का विलाप, इस मेडल का क्या करें?

    जंतर मंतर पर महिला पहलवानों से दिल्ली पुलिस की भिंड़त, विनेश फौगाट के भाई के सिर में गहरा जख्मा, खिलाड़ियों का विलाप, इस मेडल का क्या करें?

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK)- WFI अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा कर 12 दिनों से जंतर मंतर पर धरना-प्रदर्शन करते महिला पहलवानों के द्वारा कल रात दिल्ली पुलिस पर मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है.

    पुलिस कर्मियों पर नशे की हालत में होने का आरोप

    महिला पहलवानों का दावा है कि कल रात करीबन 11 बजे नशे की हालत में पुलिस कर्मियों के द्वारा उनके साथ मारपीट और अभद्रता की गयी. उन्हे वहां से उठाकर ले जाने की कोशिश की गयी, पुलिस की इस मारपीट में महिला पहलवान विनेश फौगाट के भाई के सिर में गंभीर चोट आयी है.    

    महिला पहलवानों का सवाल, अब हम इस मेडल का क्या करें?

    घटना के बाद रोते-विलखते महिला पहलवानों ने कहा है कि अब हम उस मेडल का क्या करें, जिसे हमने अपने खून-पसीने से देश के सम्मान के लिए हासिल किया था. यहां तो हमारे ही सम्मान के साथ खेला जा रहा है. हम यौन उत्पीड़न की शिकायत कर रहे हैं, प्रधान मंत्री से लेकर गृह मंत्री तक न्याय की गुहार लगा रहें है, लेकिन यहां तो दूसरी कहानी है, दिल्ली पुलिस यौन उत्पीड़नकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई नहीं कर, हम महिला पहलवानों पर ही जोर आजमाइश कर रही है. हमारी आवाज को कुचलने की कोशिश  की जा रही है. हालत यही रही तो हम अपने-अपने मेडल को वापस करने के लिए बाध्य होंगे.

    सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दर्ज हुई थी प्राथमिकी

    ध्यान रहे कि इस मामले में देश की सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दिल्ली पुलिस ने WFI अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज कर ली है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है. यह प्राथमिकी भी काफी संघर्ष और जद्दोजहद के बाद दायर किया गया है, महिला खिलाड़ियों के द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत के साथ आवेदन देने के बावजूद दिल्ली पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने को तैयार नहीं थी, जिसके बाद इस  मामले में सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा और अन्तोगतवा दिल्ली पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करनी पड़ी.

    पोक्सो एक्ट का मामला, लेकिन गिरफ्तारी से भाग रही है दिल्ली पुलिस

    यहां यह भी ध्यान देने की बात है कि आरोप पत्र दायर करने वाली महिला पहलवानों में एक महिला पहलवा अभी नाबालिग है, जिसके कारण यह मामला पोक्सो एक्ट का बनता है, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होते ही बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी हो जानी चाहिए थी, लेकिन उसकी गिरफ्तारी तो दूर पुलिस की कोशिश आधी रात में इन महिला खिलाड़ियों को जंतर मंतर से हटाने की है.

    सोमनाथ भारती पर ठिकरा फोड़ने की कोशिश

    इस बीच दिल्ली पुलिस का कहना है कि बारिश से भीगने के बाद महिला पहलवान अपना बेड लेकर धरना स्थल पर आ गये थें. उनके साथ आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती भी अपना बेड लेकर पहुंचे थें, दिल्ली पुलिस की ओर से सोमनाथ भारती को रोकने की कोशिश की गयी. जिसके बाद झड़प की शुरुआत हो गयी. बाद में आम नेता सोमनाथ भारती को हिरासत में ले लिया गया.


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