CM हेमंत के जवाब के बाद अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें, कई पर गिर सकती है ED की गाज

    CM हेमंत के जवाब के बाद अधिकारियों की बढ़ी मुश्किलें, कई पर गिर सकती है ED की गाज

    रांची(RANCHI): झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से ईडी ने 17 नवंबर को पूछताछ की. ये पूछताछ करीब दस घंटे तक चली. इस दौरान ईडी के अधिकारियों ने सीएम हेमंत से कई सवाल किए, जिसका सीएम हेमंत ने जवाब दिया. लेकिन सूत्रों की मानें तो सीएम ने ज्यादातर सवालों के जवाब में ये कह दिया है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है. अगर आपको इसकी जानकारी लेनी है तो आप संबंधित विभाग के अधिकारी से पूछ सकते हैं. उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है. चलिए अब इस पूरे मामले को समझने के लिए सवाल और जवाब पहले देखते हैं.

    सवाल- क्या आपको पता था कि साहेबगंज में अवैध माइनिंग हो रहा है?

    सीएम का जवाब– नहीं मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

    सवाल- दाहू यादव और बच्चा यादव के अवैध पत्थर ट्रांस्पोर्टेशन को लेकर आपने कार्रवाई क्यों नहीं की?

    सीएम का जवाब- मुझे उन दोनो के किसी व्यापार की कोई जानकारी नहीं है और न मैने उन्हें कोई संरक्षण दिया. और ना ही मैंने प्रशासन और पुलिस को कभी भी किसी कार्रवाई से रोका है.

    सवाल- आपके प्रेम प्रकाश से काफी अच्छे संबंध बताए गए हैं. आपकी सुरक्षा में तैनात जवानों के AK47 राइफल प्रेम प्रकाश के घर से बरामद हुए हैं. क्या इसमें आपकी कोई मिलीभगत है?

    सीएम का जवाब- मैं प्रेम प्रकाश को नहीं जानता और ना ही कभी मेरी और उनकी मुलाकात हुई है. जहां तक मेरे अंगरक्षक के हथियार बरामदगी का मामला है इसका जबाब आपको राज्य के DGP से पूछना चाहिए.

    अब ऐसे में सवाल उठता है कि जब सीएम हेमंत सोरेन ने किसी भी अधिकारी को कार्रवाई करने से नहीं रोका था तो फिर ऐसे में इतना बड़ा घोटाला हो कैसे गया? क्या प्रेम प्रकाश से लेकर पंकज मिश्रा तक सीधे अधिकारियों के संपर्क में थे और उन्हें प्रशासन का संरक्षण मिलता था? दरअसल, ये सवाल अब इसलिए किए जा रहे हैं क्योंकि हेमंत सोरेन ने ईडी को अपने जवाब में सीधे तौर पर संबंधित विभाग के अधिकारियों से जवाब लेने की बात कही है.

    समन किए जा सकते हैं कई अधिकारी

    मिली जानकारी के अनुसार सीएम हेमंत सोरेन के जवाब के बाद ईडी अब राज्य के कई अधिकरियों को समन भेज सकती है. और उन्हें पूछताछ के लिए ईडी कार्यालय बुलाया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो ईडी की लिस्ट में कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं लेकिन ईडी सबसे पहले किसे समन करती है ये देखने वाली बात होगी.

    साहेबगंज डीसी और एसपी से हो सकती है पहले पूछताछ

    दरअसल, ईडी ने जिस अवैध खनन मामले में सीएम हेमंत से पूछताछ की वो साहेबगंज जिले का है. वहीं, अवैध खनन के मामले में जब सीएम से ईडी ने सवाल किया तब हेमंत ने कहा कि अवैध खनन रोकने का काम डीसी और एसपी का है और उन्होंने कभी कार्रवाई के लिए रोका नहीं. ऐसे में सूत्रों की मानें तो ईडी सीएम को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाए इससे पहले साहेबगंज डीसी और एसपी को समन भेज पूछताछ के लिए बुला सकती है.

    प्रेम प्रकाश मामले में भी कई अधिकारी रडार पर

    बता दें कि 24 अगस्त को ईडी ने कई अधिकारियों और कारोबारियों के यहां छापेमारी की थी. इस दौरान ईडी को प्रेम प्रकाश के यहां से दो जवानों के एके-47 राइफल और 60 कारतूस मिले थे. इस मामले में भी कई अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है. दरअसल, सीएम हेमंत से ईडी ने इस संबंध में सवाल किया था तो उन्होंने साफ कह दिया कि वो प्रेम प्रकाश को नहीं जानते और राइफल कैसे बरामद हुआ इसका जवाब उन्हें पुलिस मुख्यालय से लेना चाहिए.

    ईडी निष्पक्ष जांच करेगा तो सहयोग करेंगे : हेमंत

    बता दें कि ईडी की पूछताछ के अगले दिन सीएम हेमंत ने अपने आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था. इस दौरान सीएम ने कहा कि अगर ईडी निष्पक्ष जांच करेगी तो वो पूरा सहयोग करेंगे. वहीं, ईडी अगर किसी के दबाव में या पक्षपात करेगी तो वो पूरी ताकत के साथ विरोध करेंगे. हालांकि, अभी तक ईडी ने किसी को समन नहीं भेजा लेकिन हो सकता है कि आने वाले एक दो दिन में अधिकारियों को समन भेजा जाए.   

         

     


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news