ट्रैफिकिंग रोकने के लिए फ़र्ज़ी कंसल्टेंसी पर लगे पाबंदी, बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष से मिले भाजपा नेता


धनबाद(DHANBAD): नाबालिक जनजातीय बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाने के लिए फ़र्ज़ी कंसल्टेंसी पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो से भाजयुमो नेता शशांक राज और रूपेश सिन्हा ने आज दिल्ली में मुलाकात की. उन्हे झारखंड में बाल ट्रैफिकिंग की समस्या से अवगत कराया. रोकथाम से संबंधित नियमावली बनाने की मांग की. कहा कि झारखंड से हर वर्ष बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चों की ट्रैफिकिंग करके दिल्ली ले जाया जाता है और उनको अवैध कार्यों में लगाया जाता है.
इससे ना केवल प्रदेश के बच्चों के अधिकारों का हनन होता है बल्कि अवैध गतिविधियों के लिए नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल होने से उनका जीवन भी संकट ग्रस्त हो जाता है. इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली जैसे बड़े शहरों में रेस्क्यू किए गए बच्चों के पुनर्वास के स्थाई समाधान के लिए दिल्ली प्रदेश में कोई भी रेगुलेशन(नियमावली) नहीं है, जिससे कि बच्चों को स्थाई तौर पर संरक्षण मिल सके. नेताओं ने मांग की कि प्रदेश में बाल तस्करी एक विकराल रूप ले चुका है, इस समस्या के समाधान के लिए दिल्ली प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जाए, जिससे कि कोई ऐसी व्यवस्था कायम की जा सके, जिससे इस समस्या का स्थाई समाधान निकल सके और झारखंड प्रदेश के बच्चों को तस्करों से बचाया जा सके. प्रत्युत्तर मे कानूनगो ने कहा कि ऐसी संस्थाएं जो भ्रम फैलाकर उनका दुरुपयोग कर रहीं , ऐसी संस्थाओ को अविलम्ब बंद करने का निर्देश राज्य सरकार को दिया जाएगा. साथ ही ज़रूरत पड़ने पर छापामारी के माध्यम से ऐसी संस्था को बंद कर के उनपर क़ानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
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