समन्वय समिति गठन के बाद पहली बार हुई बैठक, नियोजन नीति सरना धर्म कोड समेत कई मुद्दों पर सरकार को भेजा परामर्श

    समन्वय समिति गठन के बाद पहली बार हुई बैठक, नियोजन नीति सरना धर्म कोड समेत कई मुद्दों पर सरकार को भेजा परामर्श

    रांची(RANCHI): झारखंड सरकार के द्वारा बनाई गई समन्वय समिति की पहली बैठक पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के आवास में हुई. इस बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष शिबू सोरेन ने किया. बैठक में झारखंड में चल रहे नियोजन नीति,सरना धर्म कोड और मॉब लीनचिंग जैसे प्रस्ताव पर चर्चा की गई है. साथ ही बताया गया कि कई मामलों में सरकार को परामर्श भेजा गया है जिससे झारखंड के हित में जल्द फैसला लिया जाए.

    सदस्य समन्यव समिति विनोद पांडे ने बताया कि इस समन्वय समिति के बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई है. झारखंड में जिस मुद्दे पर सरकार बनी थी उसकी समीक्षा की गई कुछ काम अधर में लटका है जिसे जल्द पूरा करने को लेकर सरकार को परामर्श भेजा है. झारखंड में 75 प्रतिशत आरक्षण हो या सरना धर्म कोड सहित युवाओं के नियोजन के मामले पर काम किया जाएगा.

    उन्होंने बताया कि सरना धर्म कोड काफी लंबे समय से लटका हुआ है. इस मामले में जल्द ही एक कमिटी बना कर राष्ट्रपति से मिलेंगे.इसके अलावा झारखंड के युवाओं के भविष्य के लिए स्थानीय नीति के विधेयक को राज्यपाल के पास भेजा गया था लेकिन राज्यपाल ने इसे वापस लौटा दिया.इसे वापस राज्यपाल को भेजने का काम करेंगे.SC ST OBC आरक्षण के विधेयक को भी राज्यपाल से वापस लौटाया है.इन सभी विधेयक को दोबारा से त्रुटि को दूर करते हुए राजभवन भेजने का निर्णय लिया है. उन्होंने बताया कि नियोजन नीति सरकार ने बनाया तो इस नीति को HC में लेजाकर भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा चुनौती दी गई.जिसके बाद इसे कोर्ट ने रद्द कर दिया. इसके अलावा मॉब लीनचिंग के विधेयक को भी वापस भेजा गया है.सरकार चाहती है कि जल्द ही सभी जनहित के मुद्दे का हल निकाले लेकिन भाजपा हर बार इसे फसाने का काम करती है. सभी विधेयक लोगों के जन भावनाओं से जुड़ा हुआ है.इस विधेयक को राजभवन से भाजपा के दबाव में वापस भेजा जाता है.

    विनोद पांडे ने बताया कि इस बैठक में विपक्ष के नेता नहीं रहने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई है. विपक्ष के नेता  में जो दिक्कत है उसे जल्द दूर कर दूसरे विकल्प पर विचार करने को कहा गया है.योगेंद्र महतो ने बताया कि GM लैंड को लेकर जो फैसला 2020 में लिया गया था उसे गति देने के लिए चर्चा की गई है. जमीन से जुड़े मामले में जल्द निष्पादन किया जाए.राजेश ठाकुर ने बताया कि झरखंड में बड़े पैमाने पर जमीन की विसंगति है जिसे जल्द दूर  किया जाएगा इसके लिए पहल की जा रही है.ठाकुर ने बताया कि अब कमिटी की बैठक हर माह में की जाएगी. इस बैठक के ज़रिए जनहित के मुद्दों को हल करने का काम किया जाएगा.

    रिपोर्ट: समीर हुसैन 


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