राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव का दावा, हमने दूसरे राज्यों से अच्छा परफॉर्म किया, बजट की 86 प्रतिशत राशि खर्च करने में सफल रहे, जानिए उनके दावे के आंकड़े

    राज्य के वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव का दावा, हमने दूसरे राज्यों से अच्छा परफॉर्म किया, बजट की 86 प्रतिशत राशि खर्च करने में सफल रहे, जानिए उनके दावे के आंकड़े

    रांची(RANCHI): राज्य के हेमंत सरकार के खजाना मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव अपने द्वारा पेश किए गए दावे से गदगद नजर. वर्तमान वित्तीय वर्ष यानी 2022-23 तारीख का खर्च अच्छा बता कर वें खुश हो रहे हैं. उनका कहना है कि इतना अच्छा बजटीय खर्च तो दूसरे राज्य भी नहीं कर पाते हैं. उन्होंने वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन यानी 31 मार्च,2023 को इस संबंध में जानकारी दी. जब वे जानकारी दे रहे थे तो वाणिज्य कर और वित्त विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे.
        ‌ अब जानिए वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने क्या कुछ कहा है. उनके अनुसार वाणिज्य कर विभाग द्वारा 21000 करोड़ रुपए से अधिक की टैक्स की वसूली की गई है जो एक रिकॉर्ड है. यानी ढाई हजार करोड़ रुपए से अधिक की वसूली हुई है. यह कुशल वित्तीय प्रबंधन की वजह से संभव हुआ है.

    डॉ रामेश्वर उरांव के अनुसार एसजीएसटी श्रेणी में 18 फीसदी, वैट में 22 फ़ीसदी, इलेक्ट्रिक सर चार्ज में 43 फ़ीसदी प्रोफेशनल टैक्स श्रेणी में 4 फ़ीसदी से अधिक की वसूली की गई है.वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने आगे जानकारी देते हुए कहा है कि वाणिज्य कर विभाग द्वारा कंपनसेशन की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं. इसके लिए विशेष कदम उठाए गए हैं. यह भी एक कारण है जिससे राजस्व प्राप्ति में वृद्धि हुई है. मालूम हो कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से अगले 5 साल तक राज्यों को कर नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति देने की व्यवस्था भारत सरकार की ओर से थी.

    जुलाई,2022 में इसकी अवधि खत्म हो गई. उसके बाद से राज्यों को अपने बूते राजस्व की क्षतिपूर्ति का इंतजाम करना था. वैसे झारखंड सरकार ने मोदी सरकार से इस अवधि को बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन उसे नहीं माना गया. वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य का वित्तीय प्रबंधन अच्छा है.इसके परिणाम दिख रहे हैं. वाणिज्य कर विभाग द्वारा मुख्यालय और प्रमंडल स्तर पर इंटेलिजेंस एंड रिवेन्यू एनालिसिस यूनिट का गठन किया गया है.इसके अतिरिक्त 5 बड़े अंचलों में स्पेशल टास्क यूनिट भी बनाई गई है. डॉ रामेश्वर उरांव ने दावा किया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट का 86% हिस्सा खर्च कर दिया गया है. यह दूसरे राज्यों के आंकड़ों की तुलना में कहीं अधिक है. उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 का मूल बजट 1,01,101 करोड़ रुपए का था.


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