जमशेदपुर को स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप पर लाने की कवायत शुरू, जानें टाटा कंपनी किस तरह कर रहा है मदद

    जमशेदपुर को स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप पर लाने की कवायत शुरू, जानें टाटा कंपनी किस तरह कर रहा है मदद

    जमशेदपुर(JAMSHEDPUR): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पूरे देश में स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 की शुरुआत 2016 से की गई थी,और लगातार सर्वेक्षण में देश के तमाम शहर अपने शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप आने के लिए बेहतर से बेहतर काम कर रहे हैं. वही जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति भी लगातार दूसरी बार झारखंड में पहले नंबर पर अपना दबदबा बनाया हुआ है और इसे और बेहतर करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 शहर पर विशेष रूप से तैयारी शुरू की गई है. पब्लिक फीडबैक हो या शहर की खूबसूरती सभी को ध्यान में रखते हुए इस बार जमशेदपुर शहर को पूरे देश में टॉप में लाने के लिए अधिकारी भी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं.

    अपने शहर को स्वच्छता सर्वेक्षण में टॉप पर लाने की कवायत शुरू

    आप बताएं कि शहर को टॉप पर लाने के लिए  साफ-सफाई के साथ-साथ विशेष रुप से बच्चे और बुजुर्गों के लिए पार्क का निर्माण और कई कार्य किए जा रहे हैं. स्वच्छ सर्वेक्षण 2023- मेरा शहर, मेरी पहचान हर वर्ष  शहरी कार्य मंत्रालय भारत सरकार की ओर से  स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चल रहे  स्वच्छ सर्वेक्षण नाम से लोकप्रिय है. वर्ष 2016 में संपूर्ण भारत में केवल 73 शहरों ने सर्वेक्षण में भाग लिया था. जहां वर्तमान में 4500+ शहर भाग लें रहे हैं.

    जानें टाटा कंपनी किस तरह कर रहा है मदद

    वहीं 2023 में वेस्ट टू वेल्थ पर ध्यान दिया गया है.पूर्व वर्ष की तुलना में जहां स्वच्छ सर्वेक्षण कुल 7500 अंक के थें, इस वर्ष बढ़कर कुल 9500 अंक के हैं. जिसके अंतर्गत सर्विस लेवल प्रोग्रेस का अंक 4830, शहर के लिए प्राप्त किए गए सर्टिफिकेशन का अंक 2500  और शहर के नागरिकों की भागीदारी, जिम्मेदारी और दायित्वों के लिए अंक 2170 निर्धारित हैं. स्वच्छ सर्वेक्षण के मूल्यांकन के लिए  ऑन फील्ड असेसमेंट करना, नागरिकों की प्रतिक्रिया लेना, फोन के माध्यम से नागरिकों की प्रतिक्रिया लेना और  स्वछतम पोर्टल पर दिए गए जानकारी पर की जाएगी. 

    इन मापदंडों पर किया जाएगा जज

    मूल्यांकन के मापदंड में कुछ मुख्य बातें यह देखा जायेगा की क्या आम जन अपने घर से निकलने वाले कूड़े को गीले सूखे में विभाजित करके दें रहे हैं या  नहीं. क्या विभाजित कूड़े का संग्रहण किया जा रहा है.  क्या सिंगल यूज़ प्लास्टिक बैन के साथ साथ कोई एक्शन प्लान है.  क्या रियूजेबल कटलरी का प्रयोग हो रहा, क्या समारोह आदि में 200ml के प्लास्टिक बॉटल निषेद किया गया है. वैसे संस्थानों का प्रोत्साहन जिन्होंने RRR (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) पर कार्य किया है, क्या शहर में RRR या वेस्ट से बने उपयोगी या सजावटी वस्तु बनाए गए हैं.  क्या शहर में ज़ीरो वेस्ट समारोह का आयोजन किया गया है, क्या TULIP अंतर्गत छात्र छात्राओं को इंटर्नशिप करने का मौका मिला है, क्या C&D कूड़े पर योजना तैयार की गई है, क्या लेगेसी कूड़े का योजना तैयार की गई है, शहर में साइंटिफिक लैंडफिल है, क्या आमजन गीले कूड़े के लिए होम कंपोस्टिंग कर  रहे है, क्या शहर के शौचालयों में SBM (U) के संदेश हैं, सफ़ाई मित्र सुरक्षा चैलेंज, मंत्रालय की और से किए गए विभिन्न अभियानों में भागीदारी है.  इन सभी मापदंडों के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है. 

    टाटा स्टील यूआईएसएल की टीम इस तरह निभा रही भागीदारी

    टाटा स्टील यूआईएसएल की टीम की ओर से  शहर के सिटी फैसिलिटीज के अंतर्गत सभी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, ड्राई वेस्ट कलेक्शन सेंटर, कम्पोस्टिंग प्लांट, लैंडफिल आदि के माध्यम से किए जा रहे कार्यों में उनका सहयोग प्रदान किया जा रहा है. साथ ही जन भागीदारी में सभी नागरिकों से सिटीजन फीडबैक के लिए टाटा स्टील यूआईएसएल और जेएनएसी की टीम सभी नागरिकों से मिलकर शहर के प्रति उनका फीडबैक ले रही है. वर्ष 2022 के सर्वेक्षण में जमशेदपुर का रैंक 1-10 लाख के श्रेणी में 18th स्थान रहा है. जिसमे जमशेदपुर के सर्टिफिकेशन में यह शहर 3 स्टार सिटी है, ODF++ सर्टिफाइड है  और सफाई मित्र सुरक्षा चैलेंज के अंतर्गत जनवरी 2021 से सीवर होल एंट्री प्रतिबंधित है. सीवर संबंधी सभी कार्य मशीन के माध्यम से की जाती है, जिसकी देखे रेख टाटा स्टील यूआईएसएल की टीम करती है.

    रिपोर्ट- रंजीत ओझा


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