1 अप्रैल से कई वित्तीय नियमों में हुए बड़े बदलाव, अगर आप नई बीमा पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं तो इन बदलावों के बारे में जरूर जान लें 

    1 अप्रैल से कई वित्तीय नियमों में हुए बड़े बदलाव, अगर आप नई बीमा पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं तो इन बदलावों के बारे में जरूर जान लें 

    टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : 1 अप्रैल से नया वित्त वर्ष शुरू होने के साध -साथ कई वित्तीय नियमों में बड़े बदलाव हुए हैं. इस बार किसी भी खास बीमा के प्रीमियम पर आपको कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगा. म्यूचुअल फंड से लेकर दवाइयों के भाव तक में कई बदलाव किए गए हैं. इतना ही नहीं कई सरकारी योजनाओं में भी बदलाव हुए हैं. ऐसे में अगर आप नई बीमा पॉलिसी खरीदने जा रहे हैं तो इन बदलावों के बारे में जरूर जान लें. 

    इन सरकारी योजनाओं के बदले नियम 

    सरकार ने कई योजनाओं में बदलाव कर दिया है. सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम की निवेश की सीमा बढ़ा कर 15 लाख से अधिकतम 30 लाख रुपये तक कर दी गई है. वहीं मंथली इनकम स्कीम के लिए अधिकतम निवेश की सीमा को 4.5 लाख से बढ़ा कर 9 लाख रुपये कर दिया गया है. वही ज्वाइंट अकाउंट वाले निवेशक अधिकतम 15 लाख रुपये का इनवेस्टमेंट कर पाएंगे. 

    5 लाख रुपये से अधिक के प्रीमियम पर देना होगा टैक्स

    अब 5 लाख रुपये से अधिक की प्रीमियम पॉलिसी में निवेश करने पर ग्राहकों को ज्यादा टैक्स चुकाना होगा. ऐसा पहले नहीं था. IRDAI ने यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान को इस नए इनकम टैक्स नियम से बाहर रखा है. ऐसे में ULIP की 5 लाख रुपये सालाना से ज्यादा की प्रीमियम पर भी आपको टैक्स छूट का लाभ मिलता रहेगा.

    कमीशन में बदलाव

    बीमा नियामक IRDAI में प्रबंधन के खर्च और कमीशन की सीमा में बदलाव किया है. यह आज से लागू हो गया है. इस बदलाव में इंश्योरेंस कमीशन के एजेंट या एग्रीगेटर्स पर लगी सीमा को हटाने का फैसला लिया गया है. पहले IRDAI ने अपने ड्रॉफ्ट में यह प्रस्तावना रखी थी कि कमीशन को कुल खर्च का 20 फीसदी तक ही रखा जाए. अब इस सीमा को हटा दिया गया है. अब इसका निर्धारण बीमा कंपनियां खुद तय कर सकती हैं.


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