दुमका में कौशल दीक्षांत समारोह, जानिए MP सुनील सोरेन ने क्या कहा


दुमका(DUMKA): कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा दुमका में संचालित जन शिक्षण संस्थान, विकास भारती दुमका के द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम अंतर्गत सत्र 2020-21 के कौशल विकास से दीक्षित प्रशिक्षुओं का कौशल दीक्षांत समारोह संस्थान के कार्यालय में आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन सांसद सुनील सोरेन ने किया. मुख्य अतिथि का स्वागत पारंपरिक रीति रिवाज से किया गया. मुख्य अतिथि सांसद दुमका लोकसभा सीट सुनील सोरेन को प्रभारी निदेशक अन्नू ने बुके और शॉल देकर स्वागत किया. वहीं, दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई.
कार्यक्रम का विषय
प्रभारी निदेशक अन्नू ने बताया कि कार्यक्रम का लक्ष्य हाशिये पर जी रहे रोजगार से वंचित युवाओं के बीच कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वनियोजित करना है. विगत सत्र में दुमका, रामगढ़ और मसलिया प्रखंड के 180 युवाओं के बीच कौशल विकास कार्यक्रम चलाया गया, जिसमे 160 महिलाएं और 20 पुरुषों को प्रशिक्षित किया गया. स्थानीय बाज़ार की जरूरत के अनुरूप ब्यूटिशियन, फ़ूड प्रोसेसिंग, बेल्डिंग, मशरूम आदि ट्रेडो को चिन्हित किया गया, जिसमे आठ महिला प्रशिक्षु स्वनियोजित होकर प्रतिमाह 2000 रुपए से ज्यादा कमा रही हैं. बाकि प्रशिक्षुओं को भी बैंक से ऋण उपलब्ध कराकर स्वनियोजित करने का प्रयास जारी है. इस अवसर पर सांसद सुनील सोरेन ने बताया कि कैसे हम अपने आसपास के वस्तुओं का उपयोग कर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं. इस संबंध में उन्होंने दो तरह के लोगों के बारे में बताया, पहले वे लोग जिनके पास जमीन है वह पेड़-पौधे लगाकर, खेती करके, मतस्य पालन कर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं और दूसरे वे लोग जिनके पास जमीन नहीं हैं. वह भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजना जैसे ब्यूटिशियन, फ़ूड प्रोसेसिंग, वेल्डिंग, मशरूम अदि ट्रेड़ में प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं.
रोजगार के क्षेत्र में बहुत कुछ कर सकती हैं महिलाएं
सुनील सोरेन ने महिलाओं को बताया कि वे खाना बनाने और घर संभालने के अतिरिक्त अपने आप को रोजगार के लिए तैयार कर सकती है. साथ ही उन्होंने लोगों को मतस्य पालन, बकरी पालन, सुअर पालन, बतख पालन, आदि के लिए जागरूक किया और बताया कि शिक्षा प्राप्त कर लेना ही काफी नहीं हैं. शिक्षा प्राप्त करके स्वनियोजन से खुद को कैसे जोड़े ये भी जरुरी है. उन्होंने तालाब के कई प्रकार के उपयोगों के बारे में बताया. उन्होंने बताया कि तालाब में मतस्य पालन के साथ साथ मुर्गी पालन, बतख पालन और तालाब के आसपास पेड़ लगाकर अपने आय को बढ़ा सकते है. विशिष्ट अतिथि चेंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सचिव मनोज कुमार घोष ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया. उन्होंने बताया कि किसी को भी चेंबर से स्वनियोजन की दिशा में मदद की जरूरत हो तो वो हर संभव प्रयास करेंगे.
कार्यक्रम में ये हुए शामिल
कार्यक्रम में जन शिक्षण संस्थान विकास भारती दुमका के दीपक कुमार सिंह, प्रदीप शर्मा, दर्शन हेम्ब्रम, सविता किस्कु, कुमार सुंदरम, मृत्युंजय कुमार, आनंद कुमार, राजकुमार हेम्ब्रम, विकास महतो, दीपक स्वर्णकार, अरुण यादव, संतोष साह, स्वेता केशरी, चम्पावती साहा, इंदु कुमारी, सुनीता कुमारी, स्नेहली हेम्ब्रम, सोफी बेसरा, दीपिका कुमारी, निभा कुमारी, प्रियंका कुमारी, रेखा कुमारी, रिया साहा, नेहा कुमारी, संगीता हेम्ब्रम के अलावा दो सौ प्रशिक्षक और प्रशिक्षनार्थी शामिल हुए. कार्यक्रम का संचालन दर्शन हेम्ब्रम और धन्यवाद ज्ञापन जन शिक्षण संस्थान विकास भारती दुमका की सचिव शोभा देवी के द्वारा किया गया.
रिपोर्ट: पंचम झा, दुमका
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