लातेहार में फिर जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे का गूंजा नारा, जानिये मामला


लातेहार(LATEHAR): एक गरीब के लिए उसकी जमीन ही सब कुछ होती है. जब उसके जमीन पर किसी की नजर पड़ने लगती है. तो वह आग बबूला हो जाता है और अपनी जमीन बचाने के लिए एकजुट होने लगते हैं. लातेहार की चकला पंचायत में एक बैठक रखी गई. बैठक का मुद्दा था, रैयत भूमि पर पूंजीपति को रोकने का. ग्रामीणों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हिनडाल्को कंपनी को एक इंच भी जमीन नहीं देंगे. बैठक में यह नारा भी बुलंद हुआ जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं.
बैठक की अध्यक्षता समाजसेवी और पूर्व मुखिया विकास भगत ने की. उन्होंने कहा कि हिंडाल्को की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यहां के गरीब आदिवासियों की जमीन पर हिंडाल्को की नजर है. कुछ दलाल और पूँजीपतियों के साथ मिल कर जमीन कब्जा करने की कोशिश किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इसके लिए जहां भी लड़ाई लड़ना होगा वह इसे लिए तैयार है.उन्होंने कहा कि जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देने देंगे.
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