पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शुभम सिंह का शौक ही बन गया काल, जानिए कितनी लगी थीं गोलियां


धनबाद (DHANBAD): बैंक में पुलिस की गोली से मारा गया शुभम सिंह का शौक ही उसके लिए काल बन गया. शौक ने ही उसे गलत रास्ते की ओर धकेला और वह अपराधी बन गया. धनबाद के भूली बी ब्लॉक में रहने वाला शुभम डीएवी कुसुंडा का छात्र था. वहां से पढ़ाई करने के बाद उसने पॉलिटेक्निक एंट्रेंस परीक्षा दी थी. राज्य स्तर पर उसे रैंक मिला था. उसके बाद वह आगे की पढ़ाई और कोचिंग करने के लिए पटना चला गया. पटना में वह अपराधियों की संगत में पड़ गया और क्रिमिनल बन गया. इधर , भूली के भी गलत लोगो से उसकी संगत हो गई थी.
घरवालों को भी ठग रहा था शुभम
इसके पहले वह लगातार घरवालों को ठगता रहा. बताता रहा कि एनडीए पूरी कर लिया है और अभी पुणे में ट्रेनिंग कर रहा है. जबकि वह अपराध के दलदल में फंस चुका था. वैसे भी अपराध के दलदल में एक बार चले जाने के बाद उससे निकलना बहुत आसान नहीं होता है. मंगलवार की देर रात को शुभम सिंह के शव का पोस्टमार्टम हुआ. उसे 3 गोलियां लगीं थी. एक गोली उसकी पसली नंबर 3 को तोड़ती हुई निकल गई थी जबकि दूसरी गोली पसली नंबर 5 को तोड़कर बाहर निकली. इससे उसका फेफड़ा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था. साथ में एक और गोली ने उसके दिमाग में जाने वाली नसों को क्षतिग्रस्त कर दिया था. पोस्टमार्टम के लिए 5 डॉक्टरों की टीम बनाई गई थी. टीम ने पोस्टमार्टम कर देर रात रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी है.
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