झारखंड रहे तैयार, चालू वित्तीय वर्ष में बिजली बिगाड़ सकती है आपकी घरेलू बजट, जानिए 

    झारखंड रहे तैयार, चालू वित्तीय वर्ष में बिजली बिगाड़ सकती है आपकी घरेलू बजट, जानिए 

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड में बिजली का भार सहने के लिए हो जाए तैयार. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने फाइनेंशियल ईयर 24, 25 के लिए प्रति यूनिट 2.85 रुपए बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. इस दर पर अगर मुहर लग गई तो शहरी इलाकों में बिजली प्रति यूनिट 9:50 रुपए  हो जाएगी. बात सिर्फ प्रति यूनिट बिजली दर की ही नहीं है. फिक्स चार्ज में भी वृद्धि का प्रस्ताव है. झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग 21 अगस्त से जनसुनवाई करेगा. सुनवाई के लिए आयोग ने तिथि वार कार्यक्रम जारी कर दिया है.

    जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग अंतिम रूप से टैरिफ जारी करेगा

    23 अगस्त को धनबाद के टाउन हॉल में जनसुनवाई होगी. जनसुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयोग अंतिम रूप से टैरिफ जारी करेगा. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड लोड आधारित फिक्स चार्ज लेने का भी प्रस्ताव दिया है. यदि किसी उपभोक्ता के घर में 4 किलो वाट का लोड है, तो वर्तमान में उसे केवल ₹100 प्रति महीना देना पड़ता है. पर नए  प्रस्ताव के अनुसार ₹100 प्रति किलो वाट  यानी उसे ₹400 देने होंगे. वैसे यह  प्रस्ताव पिछले वित्तीय वर्ष में भी आया था. लेकिन आयोग ने लोड के आधार पर फिक्स चार्ज करने के प्रस्ताव को रिजेक्ट कर दिया था.  झारखंड में फ्री बिजली का भार उपभोक्ताओं पर पड़ने वाली है. इंडस्ट्रीज के संकट भी बढ़ेंगे. यह अलग बात है कि सरकार ने 200 यूनिट बिजली निशुल्क देने का निर्णय लिया है. वैसे भी बिजली वितरण निगम लिमिटेड बिजली दर में तो बढ़ोतरी का प्रस्ताव देने में आगे आगे चलता है, लेकिन सुविधा देने में पूरी तरह से फिसड्डी साबित होता है.केवल बिजली कनेक्शन के भरोसे आप रह नहीं सकते हैं. शहरी इलाकों के हर दूसरे या तीसरे घर में इनवर्टर लगाना अब लोगों की मजबूरी बन गई है.

    फिक्स चार्ज में भी होगी बढ़ोतरी

    कोयलांचल की बात की जाए तो 12,14 घंटे से अधिक बिजली मिलती नहीं है. अभी तो बरसात का सीजन चल रहा है. ऐसे में बिजली समस्या और अधिक होती है. सबसे परेशानी की बात है कि अगर आपके घर की बिजली अगर मेन लाइन से खराब हो जाए तो ठीक करने में नाकों चने चबाने पड़ते हैं. बिजली विभाग के पास अपना कोई रेगुलर लाइन मैन नहीं है. मैन डेज के भरोसे बिजली विभाग की गाड़ी चल रही है. ऐसे में अगर बिजली बनाने के लिए कर्मचारी पहुंच जाते हैं तो बिना उन्हें चढ़ावा दिए आपकी लाइन ठीक नहीं हो सकती है. इन सब परेशानियों के बाद भी अगर प्रति यूनिट 9:50 रुपए भुगतान का प्रस्ताव आया है और फिक्स चार्ज में भी बढ़ोतरी की बात की जा रही है. तो बिजली लोगों के पॉकेट पर कितना वजन डालेगी यह सोचने वाली बात है. वैसे भी जनता महंगाई से त्राहि त्राहि कर रही है. जनता पर टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है.

    रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो


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