अपनी जन्मस्थली में ही झामुमो कैसे हो रहा तार-तार, हेमंत सोरेन भी नहीं सुलझा पा रहे विवाद, जानिए क्या है झगड़ा

    अपनी जन्मस्थली में ही झामुमो कैसे हो रहा तार-तार, हेमंत सोरेन भी नहीं सुलझा पा रहे विवाद, जानिए क्या है झगड़ा

    धनबाद(DHANBAD): झारखंड मुक्ति मोर्चा अपनी जन्मस्थली धनबाद में ही तार-तार हो रहा है. अनुशासनात्मक कार्रवाई के नाम पर प्रयोग किए जा रहे हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठन शिबू सोरेन, बिनोद बिहारी महतो और एके राय ने मिलकर किया था. बाद में एके राय अलग हो गए. इन तीनों में से दो अब इस दुनिया में नहीं है और इधर, पार्टी विवाद के कारण लगातार कमजोर हो रही है. मंगलवार को केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडे ने जिला समिति व प्रखंड स्तर की समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया. मंगलवार को इस संबंध में कार्यालय आदेश भी जारी हो गया है. पत्र में कहा गया है कि धनबाद जिला समिति में गुटबाजी और कार्यकर्ताओं में अनुशासनहीनता की लगातार शिकायतें मिलने के बाद जिला समिति के वरीय लोगों और केंद्रीय समिति से विचार-विमर्श के बाद ऐसा निर्णय लिया गया है. 

    बना दी गई है आठ लोगों की संयोजक मंडली

    धनबाद जिले में पार्टी के संचालन के लिए आठ लोगो की संयोजक मंडली बना दी गई है. इस संयोजक मंडली में अमितेश सहाय, कंसारी मंडल, अशोक मंडल, डॉक्टर नीलम मिश्रा, सुखलाल मरांडी, धरणीधर मंडल, नकुल महतो, अलाउद्दीन अंसारी शामिल है. संयोजक मंडल को यह निर्देश है कि 15 दिनों के भीतर प्रखंड समितियों एवं पंचायत समितियों का गठन अथवा पुनर्गठन कर विस्तृत सूची केंद्रीय कार्यालय को भेजे. साथ ही संयोजक मंडली के सदस्यों को 2 दिसंबर को केंद्रीय कार्यालय, रांची में बुलाया गया है. बता दें कि जिला अध्यक्ष रमेश टुडू और सचिव पवन महतो के बीच पिछले कई सालों से विवाद चल रहा है. धनबाद जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा की दो समानांतर समितियां काम कर रही थी. 

    विवाद की शुरुआत तो 2019 के विधानसभा चुनाव में ही हो गई थी

    विवाद की शुरुआत तो 2019 के विधानसभा चुनाव में ही हो गई थी. जब टुंडी सीट से रमेश टुडू ने चुनाव लड़ने का दावा पेश कर दिया था. हालांकि टिकट झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता, वर्तमान विधायक मथुरा महतो को मिला और विजयी रहें. यहीं से विवाद की शुरुआत हुई और यह शुरुआत बढ़ते-बढ़ते यहां तक बढ़ गया कि केंद्रीय नेतृत्व को कमेटी को भंग कर देना पड़ा. अभी हाल ही के दिनों में पवन महतो ने आरोप लगाया था कि रमेश टुडू कोयला और लोहा चोरों को पार्टी में शामिल करा दिया है. वहीं, जिला अध्यक्ष रमेश टुडू ने पवन महतो पर अनुशासनिक कार्रवाई के लिए केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष दबाव बनाया था. रमेश टुडू का आरोप था कि पवन महतो समानांतर कमेटी बनाकर पार्टी का अनुशासन तोड़ रहे हैं. इसके बाद 18 अक्टूबर को रांची में बैठक भी हुई थी लेकिन मामला सुलझा नहीं. इसके बाद केंद्रीय कमेटी ने जिला कमेटी और प्रखंड कमेटी को भंग कर दिया है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आगे रमेश टुडू और पवन महतो में भारी कौन पड़ता है.

    रिपोर्ट : शांभवी सिंह, धनबाद


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