धनबाद के तीन बंदियों ने हजारीबाग केंद्रीय कारा के सुरक्षा इंतजाम पर कैसे खड़ा कर दिया है बड़ा सवाल,क्यों महकमा हुआ रेस!


धनबाद: जेपी कारा,हजारीबाग में पिछले नौ माह से बंद देवा भुईंया और तीन माह से बंद जितेंद्र रवानी और राहुल पंजवार एक हीं बैरक बंद थे. तीनों पोस्को के दोषी है और शायद एक हीं जिला के होने के कारण उनमें दोस्ती हो गई होगी.
भागने के लिए तीनों ने उस चादर का उपयोग किया, जिसका उपयोग वे सोने के लिए चादर के रुप में करते थे. तीन चादरों को आपस में जोड़ कर रस्सी का रुप दिया और आराम से दीवार फांद कर भाग गए.तीनों धनबाद के रहने वाले है.
इस घटना के बाद धनबाद पुलिस एक्शन मोड में है.उनकी गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ छापे मारे जा रहे हैं. यह तीनों धनबाद के जोग ता, लोयाबाद और केंदुआ के रहने वाले हैं. जानकारी के अनुसार तीनों कैदी पोक्सो एक्ट में सजा पाए है. इस घटना ने पूरे तंत्र को सख्ते में डाल दिया है.
दरअसल यह जेल हाई सिक्योरिटी के लिए जाना जाता है. इस जेल में खूंखार अपराधियों को रखा जाता है .कई विचाराधीन हाई प्रोफाइल कैदी भी जेल में बंद है. ऐसे में तीन कैदी के फरार होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
सूचना के मुताबिक इस लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में पांच लेयर की सुरक्षा व्यवस्था है. कोई भी व्यक्ति जो जेल परिसर के अंदर जाता है, उसे इन पांच सुरक्षा घेरे से गुजरना पड़ता है. अगर कोई जेल से बाहर निकलता है, तो भी उन्हें पांच लेयर से गुजरना पड़ता है.
उल्लेखनीय है कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा झारखंड का ऐतिहासिक जेल है. यहीं से लोकनायक जयप्रकाश नारायण अंग्रेजों को चुनौती देते हुए फरार हो गए थे. उनके नाम से ही इस जेल का नाम पड़ा है. धनबाद के तीनों की फरारी की सूचना पहुंचते ही धनबाद एस एसपी ने स्पेशल टीम का गठन कर खोजबीन शुरू करा दी है.
हजारीबाग के साथ-साथ धनबाद पुलिस की टीम भी तीनों के घर सहित उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है .तीनों आसपास इलाके के रहने वाले हैं. तीनों ने हजारीबाग जेल में दोस्ती बढ़ाई और जेल से फरार हो गए. भागे तीन में से एक के बारे में बताया जाता है कि वह धनबाद जेल से भी कुछ साल पहले फरार हो गया था. वह फरारी के समय ही एक किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म किया था. और उसे मामले में उसे 20 साल की कैद की सजा हुई थी.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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