ममता शर्मसार: मां ही बन गई दुधमुंहे बच्चे के जान की दुश्मन, पढ़िए गोतनी ने कैसे बचाई जान 

    ममता शर्मसार: मां ही बन गई दुधमुंहे बच्चे के जान की दुश्मन, पढ़िए गोतनी ने कैसे बचाई जान 

    धनबाद(DHANBAD): सबसे स्वार्थहीन रिश्ता कोई है तो मां का ही है और आज की दुनिया में, जहां किसी को किसी की फीलिंग्स से खेलने से, किसी को दुख पहुंचाने से कोई फर्क नहीं पड़ता, वहां मां ही है जो बिना कुछ चाहे प्यार देती है. लेकिन यही मां अगर अपने बच्चे की जान लेने पर उतारू हो जाये तो इसे  क्या कहेंगे. धनबाद के चिरकुंडा के इस कलयुगी मां को आप क्या कहेंगे? यह बात अलग है कि वह मानसिक रूप से थोड़ी बीमार है. गूंगी भी है लेकिन कोई मां अपने बच्चों की जान लेने की कोशिश आखिर कैसे कर सकती है. लेकिन ऐसा ही कुछ हुआ है. 

    बच्चे को गोद  में लेकर किया प्रहार 

    धनबाद के चिरकुंडा के झरियापाड़ा  में मुन्नी  देवी ने अपनी ही गोद में अपने ही डेढ़ साल के बेटे के चेहरे पर हसुआ से लगातार प्रहार कर उसे घायल कर दिया.  यह तो अच्छा संयोग  था कि उसकी गौतनी बच्चे  के रोने की आवाज सुनकर पहुंच गई.  बच्चे को छीनकर मां से  अलग किया.  काफी प्रयास के बाद मुन्नी के हाथ से किसी प्रकार हसुआ लिया गया.  मां के हमले से  गंभीर रूप से घायल बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

    अस्पताल में भर्ती बच्चे की हालत चिंताजनक 

    बच्चे  की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.  हंसुआ  के वार से बच्चे  के गले में भी कई जगह गहरे  जख्म हो गए है.  पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो आरोपी मां को हिरासत में ले लिया.  मुन्नी का पति कृष्णा  यादव साइकिल मिस्त्री है.  घर के पास ही उसकी साइकिल रिपेयरिंग की दुकान है.  पति के अनुसार बच्चे  के जन्म के बाद से उसकी पत्नी हमेशा उसे गोद में लिए रहती थी.  उसे अलग रह भी नहीं पाती थी.  बेटे का देखभाल भी अच्छे से करती थी, लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि बच्चे पर उसने धारदार हसुआ से प्रहार कर दिया.  यह बात तो किसी के समझ में नहीं आ रही है. 

    धनबाद (निरसा )से विनोद सिंह की रिपोर्ट


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