सोलर पैनल से विद्युत आपूर्ति वाला झारखंड में तीसरा सिविल कोर्ट बना धनबाद, फाईलों का हो रहा डिजिटिलाइजेशन

    सोलर पैनल से विद्युत आपूर्ति वाला झारखंड में तीसरा सिविल कोर्ट बना धनबाद, फाईलों का हो रहा डिजिटिलाइजेशन

    धनबाद(DHANBAD) | धनबाद, सिविल कोर्ट अब पूरी तरह से वतानुकूलित हो गया है. यही नहीं, लोगों की सुविधा के लिए सारे आधुनिक व्यवस्थाएं भी की जा रही है. आने वाले समय में अधिवक्ता धनबाद से ही झारखंड उच्च न्यायालय में अपने मुकदमे की पैरवी और केस फाइल कर सकेंगे. ऐसी व्यवस्था की जा रही है. इसके साथ ही सोलर पैनल के जरिए पूरे कोर्ट परिसर में बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है. खूंटी, रामगढ़ के बाद धनबाद में भी सोलर पैनल के जरिए पूरे कोर्ट की बिजली आपूर्ति की जा रही है. वहीं ऊर्जा मंत्रालय के द्वारा 500 केवीए का नया ट्रांसफार्मर लगाया गया है. 

    पोक्सो एक्ट के गवाहों के बैठने की अलग से व्यवस्था

     दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, वरिष्ठ वादकारियों, अधिवक्ताओं को कोर्ट रूम तक जाने के लिए व्हीलचेयर, अधिवक्ता,  वादकारियों के लिए लिफ्ट की व्यवस्था अलग से की जा रही है, ताकि किसी को न्यायिक प्रक्रिया में भाग लेने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े. वादकारियों, पोक्सो एक्ट के गवाहों के बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है.  पूरे परिसर में दिव्यांगो के लिए नए शौचालय का निर्माण कराया गया है, वहीं  पेयजल की भी व्यवस्था की गई है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से सिविल कोर्ट  में प्रवेश के लिए एक मुख्य गेट को ही खोला गया है, जहां पुलिस बल के जवान आधुनिक हथियारों  से लैस रहते है. 

    ठोस जाँच का भी किया गया है इंतजाम 

    जांच के बाद ही किसी को अंदर जाने की इजाजत मिलती है.  धनबाद के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम शर्मा ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए उपरोक्त  जानकारी दी.  उन्होंने कहा कि  झारखंड  उच्च न्यायालय के निर्देश पर सिविल कोर्ट धनबाद का पूरी तरह से आधुनिकीकरण किया गया है. झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह जोनल जज ,धनबाद रंगन मुखोपाध्याय से प्राप्त दिशा निर्देश पर ऊर्जा मंत्रालय, झारखंड सरकार द्वारा सिविल कोर्ट धनबाद के भवन को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया है.  पूरे कोर्ट भवन में कुल 169 वातानुकूलित मशीन लगाई गई है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए कॉन्फ्रेंसिंग रूम के अलावा हर एक कोर्ट रूम में अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए है. जिनमें  कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेल में बंद बंदियों की पेशी के अलावा, गवाही की जा रही है. ,दिव्यांग एवं बुजुर्ग लोगों, अधिवक्ताओं के लिए न्यायालय में लिफ्ट की व्यवस्था ,  शौचालय की व्यवस्था , की गई है. 

    फाईलों का हो रहा डिजिटिलाइजेशन

     ई कोर्ट सर्विस के तहत कोर्ट के सभी मुकदमों की फाईलों का डिजिटिलाइजेशन किया जा रहा है. अदालत द्वारा मुकदमों मे पारित आदेशों , निर्णयों को वेबसाइट पर अपलोड किया जा रहा है.  जिससे  वादकारियों , व अधिवक्ता अपने मुकदमे में पारित आदेशों को सुलभता से जान सके और मुकदमे की अद्धतन जानकारी प्राप्त कर सके.  कोर्ट परिसर में  ई - सेवा केंद्र बनाया गया है, जहां मुकदमों से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है.  जल्द ही झारखंड हाई कोर्ट का एक्सटेंशन काउंटर यहां काम करना शुरू करेगा, जहां से अधिवक्ता हाई कोर्ट में अपने मुकदमे मे बहस  कर सकेंगे और यही से हाई कोर्ट में आवेदन दाखिल किए जा सकेंगे. 

     

    रिपोर्ट -धनबाद ब्यूरो 


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