धनबाद में ड्रोन उड़ा तो कोयला चोरों ने जबरन रोक दिया प्रोडक्शन, जानिए क्या है पूरा मामला


धनबाद(DHANBAD): सरकार डाल डाल तो कोयला, बालू और पत्थर तस्कर पात पात चल रहे हैं. सरकार ने अब कड़ा फैसला लेते हुए प्रमंडल स्तर पर उड़नदस्ता दल गठित करने का निर्णय लिया है. उड़नदस्ता दल रेंज आईजी और डीआईजी के नेतृत्व में गठित भी कर लिया गया है. झारखंड सरकार के खान एवं भूतत्व विभाग ने राज्य पुलिस मुख्यालय को ऐसा करने का सुझाव दिया था. उसके बाद उड़नदस्ता दल का गठन किया गया है.
अब उड़नदस्ता दल अवैध खनन रोकने की करेगा कोशिश
उड़नदस्ता दल के नियंत्रण पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि प्रतिनियुक्त किए गए बलों को अवैध खनन के लिए गठित दस्ते के साथ छापेमारी में सहयोग के लिए भेजा जाए. वही सभी जिले के एसपी और एसएसपी को निर्देश दिया गया है कि वह प्रमंडल स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध छापेमारी में सहयोग करें. मतलब अब प्रमंडलीय स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल अवैध खनन रोकने की कोशिश करेगा. इसके पहले भी राज्य सरकार और कोयला उत्पादक कंपनियों ने कई प्रयास किए, लेकिन उन प्रयासों का कोई फलाफल नहीं निकला. अवैध उत्खनन चाहे वह कोयले का हो, बालू का हो अथवा पत्थर का, बेधड़क जारी है. तस्करी में शामिल लोग आर्थिक रूप से इतने ताकतवर हो गए हैं कि वह सरकार की किसी भी कार्रवाई की दिशा मोड़ दे रहे हैं.
ड्रोन कैमरा से कोयला चोरी वाले स्थानों को किया जा रहा चिन्हित
अब उड़नदस्ता दल का गठन हुआ है, देखना दिलचस्प होगा कि यह सिर्फ कागज पर रहता है अथवा जमीन पर उतरता है. वैसे भी झारखंड के कई जिलों में अवैध खनन को लेकर सरकार की किरकिरी हो रही है. कई अधिकारी भी ईडी के रडार पर हैं. ईडी के अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे हैं. इस बीच धनबाद के बरोरा से खबर मिली है कि ड्रोन से सर्वे के खिलाफ कोयला तस्करों ने मंगलवार को हिलटॉप आउटसोर्सिंग का उत्पादन बाधित कर दिया. सीआईएसएफ द्वारा चलाए जा रहे ड्रोन सर्वे के विरोध में नकाबपोश कोयला तस्करों ने मंगलवार की सुबह बरोरा क्षेत्र की हिलटॉप आउटसोर्सिंग परियोजना का उत्पादन लगभग 3 घंटे तक जबरन बाधित कर दिया. इतना ही नहीं कोयला चोरी के खिलाफ अभियान चलाने पर आउटसोर्सिंग प्रबंधन व कर्मियों को धमकी भी दी गई. फिलहाल सीआईएसएफ डीआईजी के निर्देश पर कोलियरी क्षेत्र में ड्रोन कैमरा से कोयला चोरी वाले स्थानों को चिन्हित कर रहा है.
आउटसोर्सिंग पैच कोयला चोरों के लिए बना चारागाह
इसी क्रम में मंगलवार की सुबह बरोरा क्षेत्र की हिल टॉप आउटसोर्सिंग पैच के इर्द-गिर्द ड्रोन कैमरा से सर्वे शुरू हुआ. ड्रोन कैमरा को देख कुछ नकाबपोश कोयला तस्कर आउटसोर्सिंग पैच में आ धमके और उत्पादन कार्य को रोक दिया. हिलटॉप आउटसोर्सिंग पैच कोयला चोरों के लिए फिलहाल चारागाह बना हुआ है. रोजाना सैकड़ों की संख्या में कोयला चोरी करने के लिए चोर खदान में बेखौफ जाते हैं. जब इन्हें रोकने की कोशिश होती है तो हंगामा कर देते हैं. मंगलवार की सुबह 9 से 12:30 तक नकाबपोश कोयला तस्करों ने आउटसोर्सिंग का काम बाधित किया. बीसीसीएल मैनेजमेंट इसकी शिकायत पुलिस से की है अथवा नहीं, इसका पता नहीं चल पाया है. सिर्फ अवैध उत्खनन का ही मामला नहीं है, कोयला चोर और तस्कर डंके की चोट पर अपनी गोटी लाल कर रहे हैं. तरीके बदल बदल कर डिपो का संचालन हो रहा है और वहां से कोयला बाहर भेजा जा रहा है.
कोयला चोरी को लेकर कोयलांचल चर्चा में
सोमवार की देर रात को गोविंदपुर के एक सॉफ्ट कोक भट्ठा में पुलिस पहुंची तो बाहर से गेट में ताला बंद था लेकिन भीतर कोयले का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा था. पुलिस ने यहां से भारी मात्रा में कच्चा कोयला बरामद किया है. बहरहाल कोयला चोरी को लेकर कोयलांचल चर्चा में है. आउटसोर्सिंग कंपनियों की भूमिका भी संदिग्ध है. अभी हाल ही में धनबाद के उपायुक्त के सुझाव पर बीसीसीएल मैनेजमेंट ने आउटसोर्सिंग कंपनियों की सुरक्षा ऑडिट कराई थी. इस जांच में एनआईटी के नियम के उल्लंघन की बातें सामने आई हैं. देखना है प्रमंडल स्तर पर गठित उड़नदस्ता दल की कार्रवाइयों से अवैध उत्खनन करने वालों पर क्या असर होता है.
रिपोर्ट: धनबाद ब्यूरो
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