देवघर में श्रावणी मेला: कहीं नहीं दिखेगा प्लास्टिक, हर जगह होगा दोना-पत्तल का इस्तेमाल- प्रशासन ने कसी कमर

    देवघर में श्रावणी मेला: कहीं नहीं दिखेगा प्लास्टिक, हर जगह होगा दोना-पत्तल का इस्तेमाल- प्रशासन ने कसी कमर

    देवघर (DEOGHAR): पर्यावरण के दृष्टिकोण से सरकार ने 1 जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. इसके लिए देवघर जिला प्रशासन ने भी जिला को प्लास्टिक और थर्मोकोल मुक्त बनाने के लिए कमर कस ली है. खासकर जिला प्रशासन के लिए देवघर में आयोजित होने वाली श्रावणी मेला के दौरान इसके लिए एक परीक्षा की घड़ी साबित होगी. सिंगल यूज प्लास्टिक आजकल प्रत्येक घर, दुकान या होटल में उपयोग किया जाता आ रहा है. सिंगल यूज़ प्लास्टिक को आसानी से नष्ट नहीं जा सकता है. लेकिन यह भी सच है कि प्लास्टिक का इस्तेमाल पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है. इनमें खासकर थर्मोकोल,प्लास्टिक के प्लेट,कप,ग्लास इत्यादि है. जो लोग आमतौर पर किसी आयोजन में इस्तेमाल करते ही हैं.

     

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    डोंगा-पत्तल का इस्तेमाल

    जिला प्रशासन श्रावणी माह के दौरान प्लास्टिक और थर्मोकोल मुक्त बनाने को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगी. बता दें कि श्रावणी मेला में लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन बाबा नगरी पहुंचते हैं. ऐसे में वे लोग खान-पान के लिए थर्माकोल और प्लास्टिक के वस्तुओं को प्रयोग उपयोग करते है. वहीं जिला भर में 2 दर्जन से अधिक थोक विक्रेता है, जबकि छोटे और खुदरा दुकान से भी थर्मोकोल और प्लास्टिक की वस्तुओं की बिक्री की जाती है. देवघर जिला में 30 करोड़ से भी अधिक का बाजार प्लास्टिक और थर्मोकोल का है. दुकानदार भी स्टॉक रहने तक ही इन सामानों की बिक्री करने की बात कह रहे हैं. हालांकि सरकार के निर्णय का भी इनलोगों ने स्वागत किया है. इको फ्रेंडली जिला बनाने को लेकर जिला प्रशासन और दुकानदार संघ ज्यादा से ज्यादा डोंगा-पत्तल इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है.

    डीसी की अपील

    ऐसे में जिला प्रशासन लोगों से प्लास्टिक के वस्तुओं को प्रयोग नहीं करने का आग्रह कर रहे है. इसी कड़ी में उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री ने थर्माकोल के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के लिए सभी से सहयोग करने और एक दूसरे को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया गया है. उपायुक्त ने बताया कि इको फ्रेंडली श्रावणी मेला का सफल संचालन करने के लिए नगर से लेकर पंचायत स्तर तक विशेष निगरानी की जाएगी. शहरी क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा नगर आयुक्त के नेतृत्व में स्क्वाड टीम का गठन किया जाएगा जिनके द्वारा धर्मशाला, विश्राम गृह, होटलों इत्यादि स्थानों पर प्लास्टिक और थर्मोकोल मुक्त अभियान चलाया जाएगा. आवश्यकता पड़ने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी. वहीं पंचायत स्तर पर सभी मुखिया और प्रखंड विकास पदाधिकारी को विशेष नजर बनाने का निर्देश दिया गया है. इस निर्देश का पालन हो इसकी निगरानी पंचायत में पेयजल और स्वच्छता विभाग करेंगी.

    रिपोर्ट: रितुराज सिन्हा, देवघर


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