Aman Sahu Encounter : अमन साहू एनकाउंटर के बाद दबाव से कैसे बाहर आई पुलिस, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

    Aman Sahu Encounter : अमन साहू एनकाउंटर के बाद दबाव से कैसे बाहर आई पुलिस, पढ़िए इस रिपोर्ट में !

    धनबाद (DHANBAD) : हजारीबाग में एनटीपीसी के डीजीएम कुमार गौरव की हत्या क्या गैंगस्टर अमन साहू के लिए काल बन गया? यह बात इसलिए उठ रही  है कि डीजीएम की हत्या के बाद झारखंड पुलिस दबाव में थी. पुलिस की किरकिरी हो रही थी. यह अलग बात है कि डीजीएम की हत्या में अमन साहू का गिरोह शामिल था अथवा नहीं, यह तो अब जांच के बाद ही पता चलेगा. लेकिन लगातार फायरिंग और मर्डर के बाद झारखंड सरकार की किरकिरी हो रही थी. डीजीपी  अनुराग गुप्ता भी भाजपा के नेताओं के निशाने पर थे. भाजपा विधायक सीपी सिंह ने तो डीजीपी के बारे में "बेशर्म" शब्द का इस्तेमाल किया था. इसके बाद पुलिस भारी दबाव में थी. कहा तो यही जाता है कि अगर 8 मार्च को डीजीएम कुमार गौरव की हत्या नहीं हुई होती तो अभी अमन साहू का अंत इतना जल्द नहीं होता. यह अलग बात है कि अमन साहू एनकाउंटर के बाद विपक्ष भी सरकार के साथ  खड़ा है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की बात कह रहा है.  

    11 मार्च को हुआ था एनकाउंटर, एक जवान भी हुआ है घायल 

    बता दें कि अमन साहू को रायपुर से झारखंड की एटीएस टीम  ट्रांजिट रिमांड पर ला रही थी तो पलामू के चैनपुर में अमन साहू के गुर्गो ने पुलिस टीम पर बम से हमला बोल दिया. यह सब हुआ 11 मार्च को. फिर अमन साहू ने एक जवान का हथियार छीनकर भागने लगा. पुलिस ने उन्हें रुकने को कहा लेकिन वह फायरिंग शुरू कर दी. एक जवान को गोली भी लगी. इसके बाद जवाबी फायरिंग में अमन साहू मारा गया. अमन साहू झारखंड, ओडिशा और बंगाल पुलिस के लिए सर दर्द बना हुआ था. उसपर 150 से अधिक मुकदमे दर्ज है. वह आतंक का पर्याय बन चुका था. इधर, कुमार गौरव की हत्या के बाद एनटीपीसी से कोयले का डिस्पैच रुका हुआ था. अधिकारी -कर्मी गुस्से में थे. लेकिन जानकारी मिली है कि आज 13 मार्च से डिस्पैच शुरू हो सकता है. इसको लेकर बुधवार की रात तक बड़कागांव में पंकरी बरवाडीह, चट्टी बरियातू और केरेडारी परियोजना के अधिकारियों ने बैठक की. करीब चार घंटे तक चली बैठक के बाद यह फैसला लिया गया है. 

    दो दिन पहले डीजीपी अनुराग गुप्ता ने दिया था भरोसा 
     
    दो दिन पहले डीजीपी अनुराग गुप्ता से मिले आश्वासन के बाद अधिकारियों ने डिस्पैच शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके अलावा बैठक में यह बात भी निकल कर सामने आयी कि एनटीपीसी के सीएमडी गुरदीप सिंह डीजीएम कुमार गौरव की हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर दिल्ली में ज्ञापन देंगे. बता दें कि हत्या के विरोध में हजारीबाग जिले के बानादाग कोल साइडिंग पर पिछले चार दिनों से कोयला डिस्पैच ठप था. इससे प्रबंधन के अलावा सरकार को भी करोड़ों का नुकसान हुआ है. मंगलवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता ने हजारीबाग में एनटीपीसी के अधिकारियों के साथ बैठक कर आश्वासन दिया था कि एनटीपीसी के अधिकारी और कर्मचारी पुलिस की सुरक्षा के बीच ऑफिस जाएंगे और आएंगे. किसी को डरने की जरूरत नहीं है. 

    रिपोर्ट-धनबाद ब्यूरो


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