पलामू के मजदूर की चेन्नई में ड्यूटी के दौरान मौत, मिलेगा पारिवारिक योजना का लाभ


पलामू(PALAMU) - जिला मजदूरों के पलायन को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहा है. हर दो तीन महीने में प्लांट में दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.कंपनी एक एंबुलेंस में शव भेज कर कुछ रुपए भेज दिया जाता है. जिससे उसके परिवार का एक महीना का खर्च भी पूरा नहीं होता है.ताजा घटना हैदरनगर प्रखंड के सिमरसोत गांव की है.परिवार की पेट की आग बुझाने के लिए 55 वर्षीय रामबिलास मेहता सरिया शेयरिंग का काम करने चेन्नई गए थे.कार्य के दौरान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई. शनिवार की सुबह एंबुलेंस से उनका शव गांव में पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया.गांव में मातम सा माहौल कायम है.बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए.
राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत लाभ दिलाने का भरोसा
परिवार के लोगों ने तत्काल उनकी अंतिम यात्रा की तैयारी कर उन्हे देवरी स्थित सोन नदी तट पर दाह संस्कार किया गया.उनके दाह संस्कार में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए.रामबिलास मेहता की दुर्घटना में मौत पर नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्य संगीता देवी व हैदरनगर के पूर्व प्रखंड प्रमुख सह पूर्वी पंचायत के मुखिया संतोष कुमार सिंह ने गहरा दुःख व्यक्त करते हुए परिजनों को राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत लाभ दिलाने के साथ साथ अन्य सुविधाएं उबलब्ध कराने की बात कही.उन्होंने कहा कि गत माह भी पंसा गांव के एक मजदूर की मौत जम्मू कश्मीर में हो गई थी. उन्होंने कहा कि सरकार को पलामू जैसे पिछड़े क्षेत्र में रोजगार के सधन उपलब्ध कराना चाहिए.जिससे पलामू के मजदूरों का पलायन रोका जा सके.
रिपोर्ट:जफर हुसैन (पलामू)
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