देवघर : साइबर क्राइम के 25 मास्टरमाइंड की सूची तैयार, स्थापित होगा टेक्निकल लैब

    देवघर : साइबर क्राइम के 25 मास्टरमाइंड की सूची तैयार,  स्थापित होगा टेक्निकल लैब

    देवघर (DEOGHAR) - देवघर और इसके आसपास के क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने पुलिस की नींद उड़ा दी है. देश का शायद ही कोई ऐसा राज्य बचा हो जहां की पुलिस इन साईबर अपराधियों का सुराग ढूंढते देवघर नहीं पहुंची हो. लेकिन अब इस पर लगाम लगाने के लिए देवघर पुलिस ने अपनी कमर कस ली है. इसके परिणाम अब सामने भी आने लगे हैं. देवघर और इससे सटा जामताड़ा जिला साइबर अपराधियों की गतिविधियों का केंद्र बन गया है. इक्क-दुक्का साइबर अपराध की घटनाओं से शुरू हो कर अब इनका जाल पूरे देश मे फैल चुका है.

    बढ़ रहा साइबर अपराध का ग्राफ

    देवघर इस अपराध पर अंकुश लगाने बाकायदा एक साइबर थाना बनाया गया है और अलग से एक साइबर डीएसपी की प्रतिनियुक्ति भी की गई है. इसका सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहा है. वहीं लगातार बड़ी संख्या में अपराधी पुलिस के तो हत्थे भी चढ़ रहे हैं. लेकिन साथ ही साइबर अपराध का ग्राफ फिर भी बदस्तूर बढ़ता रहा है. पिछले साल जनवरी से इस वर्ष जनवरी तक देवघर में 128 मामले साइबर अपराध के दर्ज किए गए हैं और इस संबंध में 810 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचाया गया है. लेकिन कानून का लाभ उठाते हुए इनमे से अधिकांश रिहा हो जाते हैं और फिर से साइबर अपराध में हाथ आजमाना शुरू कर देते हैं. पुलिस भी मानती है कि कई बार गिरफ्तार अभियुक्तों की तफ्तीश में उनके पहले भी साइबर अपराध में गिरफ्तारी के सबूत सामने आए हैं.

    टेकनिकल लैब स्थापित करने का प्रस्ताव

    देवघर के साइबर डीएसपी सुमित प्रसाद के अनुसार पिछले एक वर्ष में गिरफ्तार साइबर अभियुक्तों से पुलिस ने 1376 मोबाईल फोन,2173 सिम कार्ड,506 एटीएम कार्ड और 12 लाख 16 हज़ार 400 रुपये कैश जब्त किए हैं. इसके अतिरिक्त इनके पास से 375 पासबुक,92 चेकबुक, 20 लैपटॉप,30 बाईक,12 चारपहिया गाड़ी सहित स्वाइप मशीन, राउटर और pos मशीन भी पुलिस को हाथ लगे हैं. कड़ी कारवाई करते हुए देवघर पुलिस ने 14 मामले ED की जांच के लिए भी अनुसंशित की है. पुलिस मुख्यालय से इन मामलों पर कारवाई की जा रही है. लगातार लाइलाज़ हो रही इस बीमारी से निज़ात पाने के लिए पुलिस मुख्यालय से देवघर में साइबर क्राइम से जुड़े मामले के त्वरित अनुसंधान के लिए एक टेकनिकल लैब स्थापित करने का भी प्रस्ताव है.

    इजी मनी बन रहा साईबर अपराध का कारण

     सुमित प्रसाद ने बताया कि इजी मनी के चक्कर में युवा वर्ग साइबर अपराध की दुनिया की ओर कदम बढ़ा रहे हैं. ऐसे भटक रहे युवाओं को मोटीवेट कर इससे बाहर निकालने की जरूरत है. डीएसपी ने बताया कि साइबर अपराध की ओर ले जाने वाले ऐसे 25 मास्टरमाइंड की सूची तैयार की गई है. इनपर जल्द कार्यवाई की जाएगी. उम्मीद की जानी चाहिए कि पुलिस की सतर्कता से आने वाले समय में देवघर पुलिस साइबर अपराध के धब्बे को मिटाने में पूरी तरह कामयाब होगी.

    रिपोर्ट : रितुराज सिन्हा, देवघर


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