बहुचर्चित प्रमोद सिंह हत्याकांड : 18 साल बाद चार फरवरी को आ सकता है फैसला

    बहुचर्चित प्रमोद सिंह हत्याकांड : 18 साल बाद चार फरवरी को आ सकता है फैसला

    धनबाद (DHANBAD) : धनबाद के बहुचर्चित कोयला कारोबारी प्रमोद सिंह हत्याकांड में 4 फरवरी को सीबीआई कोर्ट का फैसला आ सकता है. सीबीआई के विशेष न्यायाधीश की अदालत में मंगलवार को बचाव पक्ष की ओर से बहस पूरी कर ली गई.  कोर्ट ने फैसले के लिए 4 फरवरी की तिथि तय की है. आप को बता दें कि प्रमोद सिंह की हत्या 03 अक्टूबर '2003 को धनसार  के बीएम अग्रवाल कॉलोनी में गोली मारकर कर दी गई थी. प्रमोद सिंह बनारस से लौटकर अपने धनसार स्थित घर जा रहे थे. घर से नजदीक में ही हमलावरों ने उन पर गोलियां बरसाई थी.  

    3 अक्टूबर '2003 को धनसार में हुई थी हत्या 

    घटना के बाद कांग्रेस नेता सह कोल किंग सुरेश सिंह (अब स्वर्गीय), रणविजय सिंह तथा संतोष सिंह ने घायल प्रमोद सिंह को केंद्रीय अस्पताल पहुंचाया था, जहां  चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उस वक्त मृतक प्रमोद सिंह के कथित मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर सिंह मेंशन के रामधीर सिंह एवं उनके भतीजे राजीव रंजन सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया था. पुलिस ने प्राथमिकी के समर्थन में कोयला किंग सुरेश सिंह, रणविजय सिंह और संतोष सिंह का धारा 164 के तहत बयान भी  कराया था.  

    पहले बने थे सिंह मेंशन के रामधीर सिंह व राजीव रंजन सिंह आरोपी 

    इस घटना के बाद सूर्यदेव सिंह के बड़े बेटे राजीव रंजन सिंह कोलकाता गए, जो आज तक नहीं लौटे.  झारखंड के तत्कालीन बाबूलाल मरांडी की सरकार की अनुशंसा पर मामले की जांच सीबीआई को दी गई. जैसे ही सीबीआई की जांच आगे बढ़ी तो मामले में नया मोड़ आ गया. सीबीआई ने सनसनीखेज खुलासा किया कि थाने में दर्ज प्रमोद सिंह का मृत्यु पूर्व बयान झूठा था.  

    सीबीआई ने सुरेश सिंह सहित 9 को बनाया आरोपी 

    इस केस में जो वादी थे वे ही आरोपी बन गए. सीबीआई ने सुरेश सिंह सहित 09 आरोपियों के खिलाफ साजिश के तहत प्रमोद सिंह की हत्या करने की चार्जशीट  सौंपी थी. सीबीआई ने इस मामले में तत्कालिक सरायढेला थानेदार मदन प्रसाद खरवार पर प्रमोद सिंह की झूठा मृत्यु पूर्व बयान दर्ज करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी चार्जशीट दायर की थी.  इसके अलावा अरशद, अयूब खान ,कश्मीरा खान, भरत सिंह, हीरा खान, कांग्रेस नेता रणविजय सिंह ,कांग्रेस नेता संतोष सिंह और कोल किंग सुरेश सिंह को भी आरोपी बनाया गया था.  2006 में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया था.  ट्रायल के दौरान अब तक आरोपी सुरेश सिंह, कश्मीरा खान व भरत सिंह की मौत हो चुकी है. कोयला कारोबारी प्रमोद सिंह की हत्या के बाद 18 साल गुजर गए हैं.  4 फरवरी को संभव है कि इस बहुचर्चित मामले में सीबीआई न्यायालय का फैसला आ जाय. कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फ़ैसले की तारीख़ मुक़र्रर कर दी है. 

    रिपोर्ट : अभिषेक कुमार सिंह ,ब्यूरो हेड ,धनबाद


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news