पलामू का सरकारी बस स्टैंड : यहां सफर शुरू होने से पहले ही दुर्घटना की आशंका, सहमे यात्री


पलामू (PALAMU) में सरकारी बस स्टैंड बदहाली के कगार पर है. बता दें कि बस स्टैंड परिसर में गंदगी का अंबार लगा रहता है. यात्री शेड भी पूरी तरह से जर्जर हो चुका है. यहां से प्रतिदिन राज्य के सभी जिले और दूसरे राज्यों के लिए बसें खुलती है. ऐसे में जर्जर यात्री शेड और गंदगी से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. बस स्टैंड पर होने वाली लापरवाहियों पर देखिए एक खास रिपोर्ट..
यात्रियों की घायल होने की आशंका
पलामू जिला मुख्यालय के मेदिनीनगर शहर में सरकारी बस स्टैंड की हालत खस्ता है. पूरे बस स्टैंड में गंदगी का अंबार है. वहीं बस स्टैंड में यात्री पड़ाव की छतें टूट चुकी हैं. यहां टूटी हुई छतों से छड़ दिखाई देती हैं जो यात्रियों को डराती है. ऐसे में कभी भी छत टूट कर गिर सकती है. इससे लगातार यात्रियों की घायल होने की आशंका बना रहती है. वहीं आसपास की गंदगी से बस के इंतजार में स्टैंड पर बैठे यात्रियों को परेशानी होती है. जबकि राज्य के सभी जिलों के लिए बसें खुलती हैं. कई प्रदेश की भी बसें यहां पहुंचती हैं.
जर्जर यात्री पड़ाव में बैठने पर मजबूर यात्री
पलामू जिले के सरकारी बस बस स्टैंड बिहार राज्य पथ परिवहन का बस स्टैंड था. झारखंड अलग होने के बाद आज तक इस बस स्टैंड की मरम्मति नहीं कराई गई है और ना ही नगर निगम को हैंड ओवर किया गया है. यहीं वजह है कि आज तक नगर निगम उस बस स्टैंड में कोई भी विकास कार्य नहीं कर पा रहा है. गाहे-बगाहे निगम द्वारा सिर्फ स्टैंड परिसर में सफाई का काम कराया जाता है, मगर अभी इस बस स्टैंड में जो यात्री शेड हैं. वह भी पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं. उसकी मरम्मति का कार्य नहीं हो पा रहा है. इससे जान जोखिम में डालकर यात्री उस यात्री पड़ाव में बैठने के लिए मजबूर हैं. इधर निगम बार-बार झारखंड राज्य परिवहन विभाग को हैंड ओवर करने की अपील कर रहा है. पत्राचार भी किया है, मगर परिवहन विभाग से आज तक निगम को कोई ठोस जवाब नहीं मिला है. मेयर अरुणा संकर की मानें तो अगर परिवहन विभाग निगम को यह बस स्टैंड हैंड ओवर कर देती है तो निगम इसको यात्रियों के लिए बेहतर बस स्टैंड के रूप में बनाएगी लेकिन अभी तक परिवहन विभाग द्वारा कोई जवाब नहीं मिला है.
गंभीरता की दरकार
आज लगातार जिले में बसों की संख्या बढ़ रही हैं. वह चाहे स्थानीय बस हो या फिर दूसरे जिले जाने वाली वोल्वो बसें सभी सरकारी बस स्टैंड में पहुंचती हैं. मगर कोई भी मुसाफिर जब स्टैंड में उतरता है, तो उन्हें गंदगी से स्वागत होता है. यहीं वजह है कि बार-बार इस बस स्टैंड को बेहतर बनाने की मांग की जा रही है. इधर डिप्टी मेयर मंगल सिंह का भी कहना है कि सारी जवाबदेही परिवहन विभाग की है अगर निगम को परिवहन विभाग हैंड वर्क करता है तो जिले में एक बेहतर बस स्टैंड के रूप में इसे विकसित किया जाएगा. कुल मिलाकर आज जिस तरह के पलामू में सरकारी बस स्टैंड की हालत है, और परिवहन विभाग निगम को हैंड ओवर भी नहीं कर रहा और ना ही इसकी मरम्मति ही करा रहा है. ऐसे में जरूरत है सरकार को इस मसले पर गंभीरता से कोई कदम उठाने की तभी जिले वासियों को एक बेहतर बस स्टैंड मिल पाएगा और यात्रियों को सुविधा मिलेगी.
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