काम की खबर:नहीं लिखी साफ सुथरी प्रिस्क्रिप्शन तो नप जाएंगे डॉक्टर साहेब, पढ़ें NMC का निर्देश

    काम की खबर:नहीं लिखी साफ सुथरी प्रिस्क्रिप्शन तो नप जाएंगे डॉक्टर साहेब, पढ़ें NMC का निर्देश

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK): जब भी हमारे शरीर में स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या होती है तो हम सीधे डॉक्टर के पास पहुंच जाते है जहां डॉक्टर हमारे स्वास्थ्य की जांच करते है और इससे संबंधित चेकअप या दवाइयां लिख देते है जिसे पढ़ना हमारे लिए बस की तो बात बिल्कुल भी नहीं है. डॉक्टर जो प्रिस्क्रिप्शन लिखते है वह काफी ज्यादा खिंच फिट होती है जिसको पढ़ना हमारे बस की बात बिल्कुल नहीं है. वही कभी कभी मेडिकल वाले भी इसे नहीं समझ जाते है और यदि आप दूसरे डॉक्टर के पास लेकर जाते हैं तो वह भी कभी कभी नहीं समझते है. जिसकी वजह से मरीज़ों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

    पढ़ें NMC का निर्देश 

    इस समस्या के समाधान को लेकर NMC ने एक कड़ा कदम उठाया है और निर्देश जारी करते हुए उन सभी डॉक्टरों को फटकर लगाई है जो अच्छी है राइटिंग में प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते है.NMC ने साफ तौर पर अपने निर्देश में कहा है कि अगर कोई डॉक्टर अपनी लिखावट में सुधार नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है. डॉक्टर की लिखावट ऐसी होनी चाहिए जो सभी के लिए पढ़ने में आसान हो चाहे वाह डॉक्टर हो मेडिकल वाले हो या खुद मरीज जी ही क्यों ना हो.

    गलत प्रिस्क्रिप्शन मरीज़ की जान के लिए खतरा

    एनएमसी ने कहा है कि अगर डॉक्टर की लिखावट सही न हो और मेडिकल वाले गलत समझ कर कोई और दवा दे देते है तो इससे मरीज की जान भी जा सकती है, इसलिए इसे गंभीर रूप से लेने की ज़रुरत है क्योंकि कई मामले में देखा जाता है कि सिर्फ आम लोग ही नहीं, कुछ मामलों में डॉक्टरों को भी प्रिस्क्रिप्शन का अर्थ समझने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है, यहां तक कि फार्मासिस्ट और अन्य डॉक्टरों को भी.जिसे बड़ी समस्या खड़ा हो जाता है इसलिए डॉक्टरों को अपने लेखन में सुधार करने की जरुरत है.

    पढ़ें हाई कोर्ट ने क्या कहा है 

    दरअसल हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी इस मामले पर कड़ी टिप्पणी की थी.अदालत ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत पठनीय प्रिस्क्रिप्शन स्वास्थ्य के अधिकार के अंतर्गत आता है.इसके बाद एनएमसी ने भी डॉक्टरों को उनके जिम्मेदरियों की याद दिलाई और उन्हें निर्देश में साफ तौर पर कहा कि जब भी डॉक्टर का डिस्क्रिप्शन लिखा तो उन्हें किन-किन बातों का ध्यान रखना है.

    डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन लिखे तो उसमे कोई भी किच पीच नहीं होनी चाहिए

    निर्देश में कहा गया है कि जब भी कोई डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन लिखे तो उसमे कोई भी किच पीच नहीं होनी चाहिए ताकि किसी को भी पढने में कोई दिक्कत ना आये.कोई भी डॉक्टर मनमानी तरीके से प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिख सकता है क्योंकि इससे मरीज की जान को खतरा भी है.विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी इस मामले में लगातार वकालत करता रहा है. रोगी सुरक्षा पर अपनी निर्देशिका में WHO ने कहा है कि प्रिस्क्रिप्शन को न समझ पाने पर गलत दवा या गलत खुराक लेने का जोखिम बढ़ जाता है.

    मेडिकल कॉलेज छात्र को भी प्रिस्क्रिप्शन के महत्व को बताना रुरी

    एनएमसी ने कहा है कि डॉक्टर की पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी मेडिकल कॉलेज छात्र को भी प्रिस्क्रिप्शन के महत्व को बताना चाहिए. इसे क्लिनिकल प्रशिक्षण के मुख्य भाग के रूप में शामिल किया जाना चाहिए.


    the newspost app
    Thenewspost - Jharkhand
    50+
    Downloads

    4+

    Rated for 4+
    Install App

    Our latest news