कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं है Task Based गेम का शिकार, तो ऐसे छुड़ाएं जानलेवा लत

    कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं है Task Based गेम का शिकार, तो ऐसे छुड़ाएं जानलेवा लत

    टीएनपी डेस्क(TNP DESK):फ़ोन बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. इसके नशे की लत से बच्चे डिप्रेशन का शिकार हो रहे है तो वहीं नींद की समस्या भी उन्हें हो रही है.ज्यादा देर तक फोन चलाने की वजह से बच्चे की मानसिक स्थिति भी खराब होने की संभावना रहती है.आजकल फोन जरूरत से ज्यादा अब नुकसान पहुंचा रहा है.आपको फ़ोन फ़ायदा तभी पहुंचाता है जब आप इससे काम लेते है लेकिन अगर आप इसके गुलाम बन गए तो आप दुनिया से पूरी तरह से कट जाते है और ऐसी दुनिया में खो जाते है जहां से वापस आना सभी के लिए मुश्किल हो जाता है.खासकर फोन की लत उन बच्चों के लिए काफी ज्यादा खतरनाक और जानलेवा है जो स्कूल में पढ़ते है और 16 साल से कम उम्र के है.गाजियाबाद के तीन बहनों के सुसाइड केस ने पूरे देश को हिला कर रख दिया. जहां ऑनलाइन टास्क गेम की चांगुल में फंसी तीन बहनों ने अपनी जान दे दी.

    ऑनलाइन गेमिंग की लत वाले बच्चों में दिखता है ये लक्ष्य

    दरअरसल आजकल के बच्चे पढ़ाई से ज्यादा फोन में लगे रहते है उन्हें फोन चलाने का इतनी ज्यादा आदत हो जाती है कि वहां से बाहर नहीं निकल पाते और धीरे-धीरे परिवार, समाज सभी चीजों से दूर होते जाते है जो उनके लिए काफी खतरनाक होता है और भयावह साबित होता है.आजकल ऑनलाइन टास्क गेम बच्चों के लिए जहर से भी ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है जहां आपको ऑनलाइन गेम के दौरान टास्क करना पड़ता है, जिसमे बच्चे फंस जाते है और हर वो चीज़ करने के लिए तैयार हो जाते है जैसा उन्हें गेम में करने के लिए कहा जाता है वह किसी भी हद तक जाते है चाहे उनकी जान को नुकसान हो या फ़ायदा.

    गाजियाबाद मामले के बाद बढ़ गई है माता-पिता की चिंता 

    गाजियाबाद के तीन बच्चों के सुसाइड केस ने उन सभी माता-पिता को चिंता में डाल दिया है जिनके बच्चे 10 से 15 साल के बीच के है और फोन काफी ज्यादा इस्तेमाल भी करते है.ऐसे में लोगों के मन में अब डर बैठ गया है कि कहीं उनका भी बच्चा टास्क बेस्ड गेम का शिकार तो नहीं है.तो आपको अपने बच्चे पर खास ख्याल और ध्यान देने की जरूरत है. आज हम आपको कुछ ऐसी लक्षण बताएंगे जो साबित करते है कि आपका बच्चा भी टास्क बेस्ट गेम का शिकार है.

    हर छोटी-छोटी बात पर आक्रामक हो जाता है बच्चा

    अगर आपका बच्चा हर छोटी से छोटी बात पर चिल्लाता और गुस्सा होता है बात-बात पर आपसे बहस करता है तो हो सकता है कि वह किसी ऑनलाइन टास्क बेस्ट गेम का शिकार हो.इस तरह गेम के शिकार बच्चे पूरी दुनिया से दूर रहना चाहते है उनकी एक अलग ही दुनिया होती है. अगर उसमे उन्हें कोई डिस्टर्ब करता है तो वह आक्रामक हो जाते है.जो काफी खतरनाक है. अगर आपके बच्चे में भी ऐसा कोई लक्षण दिखाया दे रहे है तो आपको आज ही सतर्क हो जाना है और उसको ज्यादा से ज्यादा समय देना है, ताकि आप जान सके कि वह आखिर ऐसा क्यों कर रहा है उसे अकेले ज्यादा समय ना छोड़े.

    पूरी तरह दुनिया से कट जाते है बच्चे 

    जो बच्चे गेम में ज्यादा लगे रहते है रात को काफी देर से सोते है.ऐसे बच्चे रात भर जाकर गेम खेलते है और पढ़ते नहीं है सारा कुछ त्याग देते है. अगर आपके बच्चे भी ऐसा कुछ कर रहे हैं तो आज ही सावधान हो जाए ताकि उसको गेम के गलत लत से छुटकारा दिलाया जा सके.

    पढाई पर नहीं देते है ध्यान

    जो बच्चे ज्यादा गेम पर ध्यान देते है वैसे बच्चे पढ़ाई पूरी तरीके से छोड़ चुके होते है. वह नाम के लिये स्कूल और ट्यूशन जाते है लेकिन पढ़ाई से उनका कोई लेना देना नहीं होता है.वी स्कूल से मिला होमवर्क को भी पूरा नहीं करते है, ना ही टीचर द्वार बोले गए किसी भी प्रोजेक्ट को पूरा करते है. अगर आपके बच्चे भी ऐसी कोई गलती कर रहे है तो आप उसका उसका खास ख्याल रखें और नजर बनाए रखें और धीरे-धीरे इस लत से निकालने की कोशिश करें.

    बच्चों के लिए काफी खतरनाक है मोबाइल फोन

    जो बच्चे दिन भर फोन लेकर एक कोने में घुसे होते है ऐसे बच्चों के मानसिक स्थिति पर काफी बुरा असर पड़ता है. वह एक दिखावे की दुनिया में खो जाते है जो कम उमर के बच्चों के लिए काफी ज्यादा खतरनाक है.बच्चों को कम से कम फोन दे और उन्हें आउटडोर गेम के लिए प्रोत्साहित करें या प्रेरित करें.वही उनके साथ अपने बचपन के किस्से शेयर करें समय बताएं ताकि वह फोन से दूर रहें.

    सख्ती दिखाने की जगह प्यार से आये पेश

    यदि आपके बच्चे में भी ऊपर दी गई कोई भी लक्षण दिखायी देते है तो आपको सख्ती दिखाने की कोई आवश्यकता नहीं है. सख्ती दिखाने से वह आपके खिलाफ हो जायेंगे और आपसे नफ़रत भी कर सकते है.ऐसे में आप उन्हें समझ नहीं पाएंगे इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप उनसे फ्रेंडली रहें और उनके मन में क्या चल रहा है प्यार से पूछें.वैसे तो अचानक वह फोन की लत को नहीं छोड़ेंगे लेकिन धीरे-धीरे फोन की टाइमिंग को कम करें और लिमिट सेट करें ऐसा करने से कुछ ही दिनों में सुधार होगा.

    आउटडोर गेम के लिए बच्चों को करें प्रेरित

    वही इसके साथ ही बच्चों को आउटडोर गेम्स और एक्सरसाइज के लिए भी मोटिवेट करना अच्छा हो सकता है.अगर आपको लगता है कि आपका बच्चा धीरे-धीरे फोन की दुनिया में खो रहा है और डिप्रेशन का शिकार हो सकता है तो आपको किसी मनोवैज्ञानिक के पास जाना चाहिए ताकि वह उसकी काउंसलिंग कर सके और बच्चों को बचाया जा सके.

    वीकेंड पर बिताएं बच्चों के साथ समय

    समय-समय पर बच्चों के साथ वीकेंड पर बाहर घुमने जाएं और अपने साथ समय बिताने का मौका दें. बचपन में वो कैसे दिखते थे कैसी हरकत करते थे या फिर आप अपने बचपन के किस्से भी शेयर कर सकते है, ऐसा करने से धीरे-धीरे बच्चों का आप से लगाव बढ़ेगा और बॉन्डिंग अच्छी होगी.और एक दिन आपके बच्चे के फ़ोन की लत छूट सकती है.


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