पत्नी का खौफनाक खेल! शादी के तीन महीने बाद ही पति की करवा दी हत्या, किसी और से चल रहा था चक्कर, जानिए दिल दहला देने वाली कहानी


टीएनपी डेस्क (TNP DESK): जब किसी लड़की और लड़के की शादी होती है दोनों के मन में अपनी आने वाली जिंदगी को लेकर कई तरह के सवाल, कई तरह की प्लैनिंग और कई अरमान रहते हैं. अरमान नई ज़िंदगी शुरू करने का, नया जीवन बसाने का और ज़िंदगी के एक नए चैप्टर को शुरू करने का. पर क्या गुजरी होगी उस लड़की पर जिसका पट्टी शादी के महज त महीने के बाद ही यह दुनिया छोड़ कर चला जाए? ना उसके हाथ की मेहंदी पूरी तरह से फीकी हुई, थी नाही उसके हाथ का चूड़ा उतरा था, पर एक ही पल में बेशक उस लड़की की जिंदगी जरूर उजाड़ गई होगी. यही ख्याल हमारे मन में आया होगा जब हमनें राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में हुए कथित हिट एण्ड रन केस के बारे में सुना था. पर यहाँ माजरा कुछ और ही है.
दरअसल बीते दिनों राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से बीते दिनों एक सड़क हादसा की खबर सामने आई थी जहां एक व्यक्ति जिसकी शादी को महज तीन महीने हुए थे, उसकी सड़क हादसे में मौत हो गई थी. लेकिन जैसे जैसे मामले की जांच आगे बढ़ी वैसे वैसे कई चौकाने वाले सच सामने आए हैं.
मामला 31 जनवरी का है जब मृतक आशीष कुमार के भाई ने पुलिस को बताया कि 30 जनवरी की रात आशीष अपनी पत्नी अंजू के साथ टहलने गया था. इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन घटनास्थल की स्थिति ने कहानी पर शक पैदा कर दिया.
पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के अनुसार, मौके पर किसी वाहन की टक्कर के साफ निशान नहीं मिले थे. पूछताछ में अंजू (पत्नी) के बयान भी बार-बार बदलते रहे. कभी वह बेहोश होने की बात कहती, तो कभी लूट की कहानी सुनाती. यहाँ तक की उसने गहने लूटे जाने का दावा भी किया, लेकिन इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं मिले.
इधर आशीष कुमार (पति) के पोस्टमार्टम में शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले. रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने मामले को हत्या मानकर जांच तेज कर दी. जहां जांच में सामने आया कि आशीष और अंजू की शादी करीब तीन महीने पहले हुई थी. पुलिस का कहना है कि अंजू इस रिश्ते से खुश नहीं थी और कुछ ही दिनों बाद मायके चली गई थी. वहीं उसने अपने पुराने परिचित संजय उर्फ संजू से दोबारा संपर्क किया और पति को रास्ते से हटाने की योजना बनाई.
कुछ समय बाद अंजू वापस ससुराल आ गई और आशीष के साथ ही रहने लगी. अंजू यह बात जानती थी कि आशीष रोज रात खाना खाने के बाद टहलने जाता है. बस इसी बात का फायदा उठाते हुए 31 जनवरी की रात उसने संजय को बुलाया जहां संजय अपने दो साथियों रोहित और बादल के साथ पहले से सुनसान इलाके में छिपा हुआ था.
इसके बाद अंजू बातचीत के बहाने आशीष को सुनसान रास्ते पर ले गई जहां इशारा मिलते ही आरोपियों ने आशीष पर डंडों से हमला कर दिया. इसके बाद बेहोश होने के बाद उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई. वहीं वारदात के बाद अंजू ने आशीष का मोबाइल फोन और अपने झुमके आरोपियों को दे दिए, ताकि मामला लूट और सड़क हादसे जैसा लगे. इसके बाद उसने ससुराल वालों को फोन कर दुर्घटना में मौत की झूठी सूचना दी. हालांकि फिलहाल पुलिस चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है.
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