WORLD BRAIN DAY : क्या है खास वजह 'मस्तिष्क दिवस' मनाने का, क्यों है ख्याल रखना जरूरी, पढिए इनसाइट स्टोरी

    WORLD BRAIN DAY : क्या है खास वजह 'मस्तिष्क दिवस' मनाने का, क्यों है ख्याल रखना जरूरी, पढिए इनसाइट स्टोरी

    टीएनपी डेस्क : हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग हमारा मस्तिष्क है. अगर हमारे मस्तिष्क में कुछ डिफ़ॉल्ट आ जाए तो फिर हमारा शरीर भी कुछ काम का नहीं. इसलिए हमारे मस्तिष्क का स्वस्थ होना जरूरी है. क्योंकि, स्वस्थ मस्तिष्क के चलते ही हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा और हमारा मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहेगा. लेकिन आजकल ऐसा मुमकिन नहीं. बूढ़ों से लेकर युवा तक भी आज मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं. वहीं, मस्तिष्क से जुड़ी कई ऐसी बीमारियां हैं, जिसके बारे में हमें जानकारी भी नहीं है और इलाज भी नहीं. इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा मस्तिष्क के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी देने और लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 22 जुलाई को वर्ल्ड ब्रेन डे यानी विश्व मस्तिष्क दिवस मनाया जाता है.

    कब और क्यों शुरू किया गया वर्ल्ड ब्रेन डे मनाना 

    साल 2014 में सबसे पहले विश्व न्यूरोलॉजी फेडरेशन (World Federation of Neurology WFN) द्वारा ब्रेन डे मनाया गया था. विश्व न्यूरोलॉजी फेडरेशन द्वारा इस दिवस को मनाने का उद्देश्य यह था कि विश्व स्तर पर लोगों को मस्तिष्क से जुड़ी न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के बारे में जानकारी दी जा सके, ताकि हर नागरिक अपने मस्तिष्क स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहे व सावधानी बरते. बता दें कि, विश्व न्यूरोलॉजी फेडरेशन की स्थापना बेल्जियम में 22 जुलाई 1957 को की गई थी. इसलिए WFN द्वारा 22 जुलाई को ही इस दिवस को मनाने की शुरुवात की गई. इस संगठन द्वारा विश्व मस्तिष्क दिवस पर वर्कशॉपस का आयोजन किया जाता है, जहां दुनियाभर के न्यूरोलॉजिकल एक्सपर्टस मस्तिष्क व से संबंधित बीमारियों के बारे में लोगों जागरूक करते हैं और साथ ही उनसे बचने के उपाय भी बताते हैं.

    मस्तिष्क का ध्यान रखना क्यों जरूरी

    मस्तिष्क को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है. बॉडी का कंट्रोल रूम हमारा दिमाग होता है जो 24 घंटे लगातार बिना आराम किए हमारी तंत्र वाहिकाओं को सही से काम करने के लिए सिग्नल भेजता है. इतना ही नहीं बिना मस्तिष्क का इशारा दिए हम ढंग से सांस भी नहीं ले सकते. ऐसे में छोटी से छोटी बीमारी भी हमारे दिमाग को कमजोर कर सकती है. आजकल तो मस्तिष्क से जुड़ी नई नई बीमारियां भी सुनने को मिल रही है. बड़ों से लेकर बच्चों तक में भी कई मस्तिष्क से संबंधित न्यूरोलॉजिकल बीमारियां जैसे कि सिरदर्द, माइग्रेन, स्ट्रोक, अल्जाइमर और कमजोर याददाश्त के शिकार हो रहे हैं. यहां तक कि दिमाग के शांत न रहने पर चिंता और अवसाद जैसी बीमारियां भी युवाओं में देखने को मिल रही है. इसलिए मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि हम अपने खानपान का उचित ध्यान रखें. आप अपने आहार में कुछ चीजों को शामिल कर अपने मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ साथ अपनी याददाश्त को भी स्ट्रॉंग बना सकते हैं.

    ऐसे रखें मस्तिष्क का ख्याल

    • सिर्फ इतना ही नहीं, स्वस्थ मस्तिष्क के लिए भरपूर नींद की भी आवश्यकता होती है, इसलिए कम से कम 8 घंटे की नींद को पूरी करें.
    • सिर पर चोट लगने से बचाएं. क्योंकि चोट लगने से भी मस्तिष्क कमजोर हो सकता है. छोटी सी छोटी चोट भी आपके मस्तिष्क के लिए हानिकारक भी हो सकती है. कभी कभी यह छोटी चोट जिसे हम नजरंदाज कर देते हैं वह स्ट्रोक, ब्रेन डैमेज और ब्लड क्लॉट जैसी समस्या का कारण बन सकती है.
    • वहीं, मेडिटेशन और योग आपके मस्तिष्क को स्ट्रॉंग और Calm रखता है. इसलिए प्रतिदिन योग या मेडिटेशन करने की आदत डालें.
    • हरी सब्जियां जैसे पालक, ब्रोकली, सलाद और अन्य पत्तेदार साग हमारे मस्तिष्क के लिए काफी फायदेमंद हैं.
    • साथ ही ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार जैसे फिश, नट्स में बादाम, अखरोट और सीड्स में सूरजमुखी, अलसी और कद्दू के सीड्स को शामिल कर सकते हैं. ये सभी मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ साथ आपके याददाश्त को भी स्ट्रॉंग करता है.
    • डार्क चॉकलेट भी हमारे मस्तिष्क के लिए काफी लाभकारी है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों को कम करता है.

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