IMA और JSHSA की आपात बैठक, बायोमेट्रिक हाजरी के विरोध करने का निर्णय

    IMA और JSHSA की आपात बैठक, बायोमेट्रिक हाजरी के विरोध करने का निर्णय

    रांची(RANCHI): सरकारी डॉक्टर समेत स्वास्थ्यकर्मियों को बायोमेट्रिक के जरिए हाजरी लगाने का आदेश जारी होते ही झारखंड में विरोध शुरू हो गया है. IMA और JSHSA ने संयुक्त बैठक कर सरकार को इस मसले पर विचार करने को कहा है. साथ ही कई रणनीति पर चर्चा की गई है. डॉक्टरों की आपात बैठक IMA भवन में की गई है. बैठक के बाद बताया कि संगठन बायोमेट्रिक अटेंडेंस पद्धति का विरोध नहीं करता. लेकिन वर्तमान में 3 जिलों पलामू साहिबगंज एवं गढ़वा में इसे वेतन से जोड़ा गया है. विभाग द्वारा इससे संबंधित एक ऑनलाइन पोर्टल लागू किया गया है.  जिससे ड्यूटी करने के बाद भी चिकित्सक और पाराकर्मियों को बार-बार स्पष्टीकरण,अनुशासनात्मक कार्रवाई, वेतन अवरुद्ध और वेतन की कटौती जैसी समस्याएं होगी.

    इससे चिकित्सकों में रोष  है.  विभाग को इससे पहले संगठन के पदाधिकारी के साथ एक बैठक लेनी चाहिए थी.  इसी संबंध में IMA और  झासा की संयुक्त आकस्मिक बैठक की गई. जिसमें सर्वसम्मति  से यह निर्णय लिया गया है कि हम झारखंड के सभी चिकित्सक कल से बायोमैट्रिक अटेंडेंस का बहिष्कार करेंगे‌. निष्ठा पूर्वक और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी करेंगे. अपनी उपस्थिति ऑफलाइन रजिस्टर में अंकित करेंगे. लेकिन बायोमैट्रिक अटेंडेंस नहीं बनाएंगे.  

    इन बिंदुओं पर बैठक में हुई चर्चा

    1) यह समान रूप से राज्य सरकार के सभी विभागों के सभी सरकारी कर्मियों के लिए लागू नहीं हो जाता. कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग झारखंड सरकार के अधिसूचना संख्या 5637 दिनांक 2413 के अनुसार यह राज्य सरकार के सभी कर्मियों पर लागू होगा. पॉइंट नंबर 3 में सभी विभाग को अपने अधीनस्थ सभी स्थापनाओं में कार्यरत प्रत्येक कमी के द्वारा इस ऑनलाइन बायोमेट्रिक अटेंडेंस को अनिवार्य किया गया है.

    3) डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के ड्यूटी आवर और ड्यूटी प्लेस तय नहीं होते.

    4) सभी विभिन्न स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में आईपीएस नॉर्म्स के अनुसार वेकेंट पोस्ट के विरुद्ध बहाली नहीं हो जाती.

    5) मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को आकस्मिक सेवा मानते हुए बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम से एग्जेम्प्ट किया है. इसलिए मुख्यमंत्री से अनुरोध है कि स्वास्थ्य विभाग को भी बायोमैट्रिक अटेंडेंस सिस्टम से एग्जेम्प्ट किया जाए या यह घोषणा किया जाए कि स्वास्थ्य विभाग आकस्मिक सेवा नहीं है .

    6) शनिवार, रविवार एवं केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के घोषित अवकाशों के दिन भी स्वास्थ्य विभाग में छुट्टी नहीं होती. दैनिक ड्यूटी 24 * 7 की होती है. जबकि कार्मिक विभाग के अधिसूचना में इसे पूर्वाह्न 10:30 से अपराह्न 5:00 तक उपस्थिति दर्ज करने की बात की गई है यानी यह  सिर्फ कार्यालय कर्मियों के लिए बनाई गई थी. इस आकस्मिक सेवा देने वाले विभाग में लागू नहीं होना चाहिए

    7)  संगठन के द्वारा दिनांक 28:05:2024 को प्रधान सचिव को 15 सूत्री मांगो से संबंधित मांग पत्र सौपी गयी है, विशेषकर सेवा संपुष्टि, केंद्र एवं बिहार सरकार के तर्ज पर डायनेमिक एसीपी, उसे मान नहीं ली जाती.


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