हेमंत सोरेन की बढ़ी मुश्किलें, नींबू पहाड़ पर अवैध खनन मामले में राज्य सरकार की याचिका हाईकोर्ट से खारिज, सीबीआई जांच पर रोक हटाई

    हेमंत सोरेन की बढ़ी मुश्किलें, नींबू पहाड़ पर अवैध खनन मामले में राज्य सरकार की याचिका हाईकोर्ट से खारिज, सीबीआई जांच पर रोक हटाई

    रांची (TNP Desk) : साहिबगंज के नींबू पहाड़ पर अवैध खनन के मामले में झारखंड हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई. इस दौरान उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की याचिका को खारिज कर दिया. वहीं नींबू पहाड़ में अवैध खनन के मामले में सीबीआई जांच पर रोक हाई कोर्ट ने हटा ली.

    अवैध खनन को लेकर विजय हांसदा ने दर्ज कराया था मामला

    बता दें कि सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के खिलाफ राज्य सरकार ने याचिका दाखिल की थी. उसी मामले पर झारखंड हाईकोर्ट में आज सुनवाई हुई, और अदालत ने सरकार की याचिका को खारिज कर दिया. इससे साफ हो गया है कि अब नींबू पहाड़ पर अवैध खनन की जांच सीबीआई ही करेगी. नींबू पहाड़ पर अवैध खनन को लेकर विजय हांसदा ने सबसे पहले शिकायत दर्ज कराई थी. विजय हांसदा ने खुद मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी. एफआईआर दर्ज कराए जाने के बाद ईडी ने संज्ञान में लिया था, जिसके बाद ईडी ने ईसीआईआर दर्ज कर दिया था. साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़कर प्रवर्तन निदेशालय ने जांच करना शुरू कर दी. 

    जानिए हाईकोर्ट में क्या आदेश दिया है

    शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल की गई अपील याचिका खारिज कर दी है. राज्य सरकार ने पूर्व में सीबीआई जांच के आदेश के खिलाफ अपील की थी. यह अपील पिछले साल अगस्त में की गई थी.  हाई कोर्ट ने साहिबगंज के नींबू पहाड़ के अवैध खनन मामले की जांच संबंधी विजय हांसदा की याचिका वापस लेने के आवेदन को खारिज करते हुए इसकी सीबीआई जांच का आदेश दिया था. राज्य सरकार ने इसी आदेश को चुनौती दी थी. यह कहा गया था कि बिना राज्य सरकार की अनुमति के बगैर जांच शुरू नहीं की जा सकती. मालूम हो कि नींबू पहाड़ के अवैध खनन के शिकायतकर्ता विजय हांसदा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी पंकज मिश्रा के अलावा बच्चू यादव, विष्णु यादव, पवित्र यादव, राजेश यादव और सुभाष मंडल के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई थी. विजय हांसदा ने हाईकोर्ट में यह याचिका लगाई थी कि प्राथमिकी होने के बावजूद पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई. इस मामले में विजय हांसदा बाद में अपने स्टैंड से पीछे हटते देखे गए. उन्होंने हाईकोर्ट में आवेदन देकर अपनी शिकायत को वापस लेने का आग्रह किया था, लेकिन कोर्ट ने यह नहीं माना और अगस्त, 2023 में सीबीआई को इसकी जांच करने का आदेश दिया.

    इस मामले में अब क्या होगा ?

    झारखंड हाई कोर्ट ने जो ताजा आदेश दिया है उसके आधार पर पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके कथित करीबियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. उल्लेखनीय है कि संथाल परगना खास तौर पर साहिबगंज क्षेत्र में अवैध खनन मामले में ईडी की भी जांच चल रही है. ईडी के अनुसार 1000 करोड़ रुपए से अधिक का खनन घोटाला हुआ है. खनन घोटाला की आंच पूर्व मुख्यमंत्री और उनके इर्द-गिर्द के लोगों तक पहुंच सकती है. झारखंड हाई कोर्ट में सीबीआई जांच जारी रखने का आदेश दिया है. इस पर रोक हटा दी है.


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