टीएनपी डेस्क (TNP DESK): आमतौर पर आपने नेताओं के प्रचार-प्रसार के वीडियो के देखे होंगे पर आपने क्या कभी कोई ऐसा वीडियो देखा है जहां नेता जी अय्याशी करते दिख रहे हैं. अगर नहीं देखा तो इस खबर से आप ये जान जाएंगे की नेता जी सिर्फ भाषणबाजियों में ही तेज़ नहीं होते बल्कि अय्याशी में भी उन्होंने महारथ हासिल कर रखी है.
दरअसल उत्तर प्रदेश के आगरा में खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताने वाले महिपाल चौधरी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं. रंगदारी और ब्लैकमेलिंग के आरोपों के बीच अब उनका एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में महिपाल एक होटल के कमरे में कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं, जबकि सामने दो डांसर डांस करती दिखाई दे रही हैं. कमरे में शराब की बोतलें और गिलास भी नजर आ रहे हैं. पुलिस अब इस वीडियो की भी जांच कर रही है.
हालांकि, भाजपा ने महिपाल चौधरी से किसी भी तरह का संबंध होने से साफ इनकार कर दिया है. आगरा भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि महिपाल पार्टी का सदस्य नहीं है और न ही वह किसी आधिकारिक पद पर है. इसके बावजूद महिपाल खुद को भाजपा नेता बताकर शहर में पोस्टर लगवाता था और सोशल मीडिया पर कई भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरें साझा करता था. पूरा मामला 6 अप्रैल का बताया जा रहा है. पुलिस के अनुसार, महिपाल चौधरी दो महिलाओं और कुछ साथियों के साथ आगरा के जगदीशपुरा इलाके स्थित ‘स्मार्ट व्यू इन’ होटल पहुंचा था. होटल संचालक अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि महिपाल ने खुद को बड़ा अधिकारी बताते हुए होटल स्टाफ को डराना-धमकाना शुरू कर दिया. उसने होटल के रजिस्टर और आईडी चेक करने के नाम पर कमरों की तलाशी ली और बाद में दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगा.
होटल संचालक के मुताबिक, महिपाल काली स्कॉर्पियो गाड़ी से होटल पहुंचा था. जब मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया. इसके बाद 10 अप्रैल को उसके खिलाफ रंगदारी मांगने का मामला दर्ज किया गया. इसी बीच महिपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. वीडियो कथित तौर पर उसी होटल का बताया जा रहा है, जहां वह दो महिलाओं के साथ रुका था. पुलिस का मानना है कि वीडियो होटल स्टाफ या पार्टी में मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड किया और बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया.
जांच में यह भी सामने आया है कि महिपाल चौधरी अक्सर खुद को भाजपा से जुड़ा नेता और मीडिया प्रभारी बताकर लोगों पर दबाव बनाता था. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वह अवैध निर्माण, बिना नक्शा पास कराए बन रही इमारतों और विवादित जमीनों की जानकारी जुटाकर लोगों को धमकाता था और उनसे पैसे वसूलता था. महिपाल चौधरी पहले से ही हाथरस पुलिस की गिरफ्त में है. उस पर हाथरस में एक डॉक्टर को धमकाकर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है. बताया जा रहा है कि एक मरीज की मौत के बाद उसने क्लिनिक के बाहर प्रदर्शन कर डॉक्टर पर दबाव बनाया था. इसी मामले में हाथरस पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पुलिस के मुताबिक, महिपाल मूल रूप से हाथरस का रहने वाला है और फिलहाल आगरा के सिकंदरा इलाके के केके नगर में रह रहा था. उस पर कई जिलों में रंगदारी, ब्लैकमेलिंग और जमीन कब्जाने जैसे आरोप दर्ज हैं. अब आगरा पुलिस उसे बी-वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके.

