क्या 10 वाली GOLD FLAKE, 20 वाली CLASSIC सहित दूसरे सिगरेट के बढ़ जाएंगे दाम! जानिए पहले और अब की कीमत


टीएनपी डेस्क (TNP DESK) : सिगरेट के शौकीनों के क्या कहने. जब टेंशन में आए तो एक कश जला लिया, खुश हुए तो भी कश का सहारा ले लिया. सिगरेट पीने वालों के लिए सिगरेट पीने के बहाने मिलने चाहिए. शुरुआत में बहाने चाहिए और फिर धीरे धीरे यह बहाने आदत में तब्दील हो जाते हैं.
ऐसे में अगर आप भी सिगरेट पीते हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर सीधा असर डालने वाली है. दरअसल अब सिगरेट के शौकीनों की जेब ढीली होने वाली है. 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू उत्पादों के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम ब्रांड की सिगरेट भी अब महंगी हो चुकी है. उदाहरण के तौर पर गोल्ड फ्लेक की 10 वाली सिगरेट अब पहले से ज्यादा कीमत पर मिल रही है जिससे अब सिगरेट पीने वालों की जेब पर असर पड़ेगा.
बताते चलें की यह बढ़ोतरी किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर लागू की गई है. सरकार ने 1 फरवरी से इन उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी और टैक्स बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है. दाम बढ़ने के बाद सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के मीम्स और प्रतिक्रियाएं साझा कर रहे हैं.
फरवरी से लागू हुई नई कर दरें
गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद ने 3 सितंबर 2025 को अधिकतर वस्तुओं पर कर की नई दरों की घोषणा की थी. अधिकांश उत्पादों पर यह दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हो गई थीं, लेकिन तंबाकू, पान-मसाला, सिगरेट और बीड़ी जैसे उत्पादों पर इन्हें 1 फरवरी 2026 से लागू किया गया है. रेटिंग और मार्केट रिसर्च एजेंसी क्रिसिल के अनुसार, टैक्स, शुल्क और अधिभार में बढ़ोतरी के चलते आने वाले वित्त वर्ष में सिगरेट की बिक्री में करीब छह से आठ प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है.
कितनी बढ़ी सिगरेट की कीमत
क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 फरवरी से सिगरेट की हर स्टिक पर 2.05 रुपये से लेकर 8.5 रुपये तक का अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है. यह शुल्क सिगरेट की लंबाई के आधार पर तय किया गया है.
65 मिमी से अधिक लंबाई वाली सिगरेट पर 3.6 रुपये से 8.5 रुपये प्रति स्टिक का अतिरिक्त शुल्क लागू किया गया है. वहीं 65 मिमी से कम लंबाई वाली सिगरेट पर 2.05 रुपये से 2.10 रुपये प्रति स्टिक तक का शुल्क बढ़ाया गया है. इसके अलावा अंतिम खुदरा मूल्य पर जीएसटी की दर भी बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दी गई है.
इन ब्रांड्स पर पड़ा ज्यादा असर
टैक्स बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर कई लोकप्रिय सिगरेट ब्रांड्स पर पड़ा है, जिनमें गोल्ड फ्लेक प्रीमियम, रेड एंड व्हाइट किंग साइज, क्लासिक और मार्लबोरो के अलग-अलग वेरिएंट शामिल हैं. इसके अलावा नेवी कट जैसी लंबी सिगरेट और आइस बर्स्ट जैसे फ्लेवर्ड सिगरेट की कीमतों में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.
सरकार का क्या है मकसद
सरकार का कहना है कि सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने के पीछे कई उद्देश्य हैं. वित्त मंत्रालय के अनुसार, इसका मकसद टैक्स चोरी पर रोक लगाना, तंबाकू उत्पादों की खपत कम करना और लोगों को इसके दुष्प्रभावों से दूर रखना है. तंबाकू और सिगरेट से जुड़ी बीमारियां, खासकर कैंसर, हर साल लाखों लोगों की जान लेती हैं.
4+